SEBI के नियमों का कड़ाई से पालन
SEBI (सेबी) के नियमों का पालन करते हुए, Gillette India Limited ने कंपनी के अंदरूनी लोगों और उनके रिश्तेदारों के लिए ट्रेडिंग विंडो (Trading Window) को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। यह विंडो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है और तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी अपने चौथे तिमाही (Q4) और पूरे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के ऑडिटेड नतीजे घोषित नहीं कर देती, साथ ही नतीजे आने के 48 घंटे बाद तक यह विंडो खुली रहेगी। इस अवधि के दौरान, किसी भी 'डेजिग्नेटेड पर्सन' (designated person) को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने की इजाजत नहीं होगी।
इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम
इस कदम का मुख्य मकसद इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना है। SEBI के (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी कीमत-संवेदनशील (price-sensitive) गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा उठाकर कोई भी शेयर की खरीद-बिक्री न कर सके। इससे सभी निवेशकों के लिए बाजार में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहती है।
कौन हैं प्रभावित?
इस पाबंदी का असर Gillette India के सभी 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' यानी कंपनी से जुड़े खास लोगों और उनके करीबी रिश्तेदारों पर पड़ेगा। ये वो लोग हैं जिनके पास कंपनी की अनपब्लिश्ड फाइनेंशियल जानकारी हो सकती है।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस और ऐतिहासिक संदर्भ
Procter & Gamble (P&G) की सहायक कंपनी Gillette India, कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में एक जाना-पहचाना नाम है। यह ट्रेडिंग विंडो बंद करने की प्रक्रिया भारतीय कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में काफी आम है। Hindustan Unilever Ltd., Godrej Consumer Products Ltd., और Marico Ltd. जैसी कंपनियां भी अपने नतीजे जारी करने से पहले ऐसा ही करती हैं। बता दें कि जुलाई 2013 में SEBI ने Gillette India के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के खिलाफ मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स (minimum public shareholding norms) का पालन न करने पर कार्रवाई की थी, जिससे कंपनी के शेयर डीलिंग पर रोक लगा दी गई थी।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब Gillette India के 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के नतीजों की घोषणा की तारीख का इंतजार करना चाहिए। नतीजे जारी होने के 48 घंटे बाद ट्रेडिंग विंडो फिर से खुल जाएगी।
