नेतृत्व में बदलाव का खास मकसद
Relaxo Footwears Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 26 मार्च 2026 को हुई बैठक में दो सीनियर एग्जीक्यूटिव्स के री-डेजिग्नेशन को मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी की सक्सेशन प्लानिंग को मजबूत करने और नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कौन संभालेंगे कमान?
इस फेरबदल के तहत, गौरव कुमार दुआ, जो अब तक होल-टाइम डायरेक्टर थे, 1 अप्रैल 2026 से को-चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और होल-टाइम डायरेक्टर का पद संभालेंगे। वहीं, रितेश दुआ, जो एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (फाइनेंस) के तौर पर कार्यरत थे, वे भी इसी तारीख से को-चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इन दोनों की मौजूदा रेमनरेशन और टेन्योर की शर्तें 30 सितंबर 2026 तक मान्य रहेंगी।
अनुभवी लीडरशिप
गौरव कुमार दुआ के पास सेल्स और मार्केटिंग में 25 साल से ज़्यादा का अनुभव है, जबकि रितेश दुआ फाइनेंस, एचआर और आईटी में 26 साल से ज़्यादा का अनुभव रखते हैं। दोनों लीडर्स का संयुक्त अनुभव कंपनी कोsustained growth और प्रभावी ऑपरेशनल Oversight में मदद करेगा।
कंपनी का मजबूत आधार
Relaxo Footwears, जो 70s-80s के दशक में स्थापित हुई थी, आज वॉल्यूम के लिहाज़ से भारत की सबसे बड़ी फुटवेअर निर्माता कंपनी है। यह कंपनी अपने मास-मार्केट ब्रांड्स जैसे Sparx, Flite और Bahamas के लिए जानी जाती है। कंपनी ने हाल ही में ₹135 करोड़ में 30 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण कर अपनी उत्पादन क्षमता को और बढ़ाया है।
प्रतिस्पर्धी बाज़ार और भविष्य
Relaxo का मुकाबला बाटा इंडिया, कैंपस एक्टिववेअर, मेट्रो ब्रांड्स और खादिम इंडिया जैसी कंपनियों से है। यह नई दोहरी सीईओ संरचना कंपनी की आंतरिक शासन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिलहाल, इस प्रबंधन पुन: पदनामितियों से कोई बड़ा जोखिम नज़र नहीं आता, क्योंकि नियुक्त व्यक्तियों का रेमनरेशन और टेन्योर पहले की तरह ही बरकरार रहेगा।
