SBI ने पेश की रिवाइज्ड क्लेम, FCL पर दबाव जारी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के बाद, SBI ने Future Consumer Limited (FCL) के खिलाफ दायर अपने मामले में अपनी क्लेम राशि का एक हिस्सा रिविज़न (revision) किया है। ट्रिब्यूनल ने SBI को इस बदली हुई क्लेम की डिटेल के साथ अमेंडेड पिटीशन (amended petition) फाइल करने के लिए दो हफ़्ते का समय दिया है। इसके बाद Future Consumer Limited को इस अमेंडेड फाइलिंग का जवाब देने के लिए एक हफ़्ता मिलेगा। यह सब उस FMCG कंपनी के खिलाफ चल रहे फाइनेंशियल क्रेडिटर केस का हिस्सा है जो गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है।
Future Consumer की मुश्किलें कम नहीं
Future Group का हिस्सा, Future Consumer, फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर में काम करती है। कंपनी लगातार लिक्विडिटी की समस्या, ऑपरेशनल इनएफिशिएंसी (operational inefficiencies) और रेवेन्यू में भारी गिरावट जैसी गंभीर वित्तीय दिक्कतों का सामना कर रही है। इसके चलते ऑडिटर (auditor) ने भी कंपनी की गोइंग कंसर्न (Going Concern) पर 'मटेरियल अनिश्चितता (Material Uncertainty)' का फ्लैग लगाया है, जो कंपनी के भारी फाइनेंशियल स्ट्रेन को दर्शाता है।
कई कानूनी पचड़ों में फंसी FCL
SBI केस के अलावा, FCL कई दूसरे कानूनी मामलों में भी उलझी हुई है। इसमें Future Retail Limited के संबंध में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) से मिला नोटिस और रिजेंट इंडिया स्पेशल सिचुएशंस फंड (Resurgent India Special Situations Fund) के साथ NCLT में एक अलग प्रोसीडिंग (proceeding) शामिल है। SBI ने जनवरी 2026 में ही FCL के खिलाफ अपना शुरुआती केस फाइल किया था, जिसमें पिटीशन में जानकारी मिसिंग होने का दावा किया गया था।
आंकड़े बताते हैं कंपनी का बुरा हाल
कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़े Future Consumer की मुश्किलें बताते हैं। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी पर बैंक लोन और अनलिस्टेड डेट सिक्योरिटीज (unlisted debt securities) पर कुल ₹596.58 करोड़ का डेट डिफ़ॉल्ट (debt default) था, और सारा आउटस्टैंडिंग अमाउंट (outstanding amount) डिफ़ॉल्ट में था। 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही के लिए, FCL ने ₹16,681 करोड़ का भारी कंसोलिडेटेड नेट लॉस (consolidated net loss) दर्ज किया था। वहीं, 31 मार्च 2025 तक, कंपनी का नेट वर्थ (net worth) ₹85.53 करोड़ नेगेटिव था।
स्टॉक पर भी दिख रहा असर
कंपनी का स्टॉक परफॉरमेंस (stock performance) निवेशकों की चिंताओं को दर्शाता है। शेयर अपने 52-वीक लो (52-week low) के करीब ट्रेड कर रहा है और अपने इंडस्ट्री पीयर्स (industry peers) से काफी पीछे चल रहा है। जारी NCLT प्रोसीडिंग्स और SFIO की जांच Future Consumer Limited के लिए लीगल और रेगुलेटरी दबाव को और बढ़ा रही है।