इनकम टैक्स का झटका, कंपनी ने कहा 'अस्थिर'
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने EPACK Durable Limited को असेसमेंट ईयर 2023-24 (वित्तीय वर्ष 2022-23) के लिए एक असेसमेंट ऑर्डर जारी किया है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी की टैक्सेबल इनकम में ₹18.89 करोड़ का इजाफा किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कुल ₹29.03 करोड़ की टैक्स डिमांड निकली है। कंपनी का मानना है कि यह डिमांड टिकने लायक नहीं है और वे इसे चुनौती देने की पूरी तैयारी में हैं।
कंपनी की आगे की रणनीति
EPACK Durable Limited इस टैक्स डिमांड के खिलाफ सबसे पहले एक रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन (Rectification Application) फाइल करेगी, जिसके बाद एक औपचारिक अपील (Appeal) दायर की जाएगी। कंपनी का लक्ष्य इस असेसमेंट को कोर्ट में चुनौती देना है।
संभावित वित्तीय असर
अगर EPACK Durable इस टैक्स डिमांड को सफलतापूर्वक चुनौती देने में नाकाम रहती है, तो इसका कंपनी के फाइनेंस और मुनाफे पर गहरा असर पड़ सकता है। यह टैक्स अथॉरिटीज द्वारा लगातार जारी जांच का संकेत भी देता है, जिससे निवेशकों के लिए वित्तीय जोखिम बढ़ सकता है। शेयरधारकों को ₹29.03 करोड़ की इस संभावित वित्तीय देनदारी के कारण तत्काल अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।
टैक्स इतिहास और निवेशक चिंताएं
EPACK Durable भारत के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मार्केट में एक प्रमुख ओरिजिनल डिज़ाइन मैन्युफैक्चरर (ODM) और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) है। कंपनी का टैक्स से जुड़ा इतिहास रहा है। पिछले साल अगस्त 2025 में, स्टेट टैक्स अथॉरिटी ने उत्तराखंड स्थित फैसिलिटी पर सर्च किया था। इससे पहले, अगस्त 2024 में, कंपनी को इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) के मुद्दों पर FY 2019-20 के लिए ₹13.85 लाख का GST नोटिस भी मिला था। कंपनी ने जनवरी 2024 में अपना IPO भी पूरा किया है।
हालिया प्रदर्शन और आगे क्या देखें
कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो, फाइनेंशियल ईयर 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में EPACK Durable को ₹223.00 करोड़ का नेट लॉस हुआ था और रेवेन्यू में 43.4% की गिरावट आई थी। इस टैक्स डिमांड से कानूनी कार्यवाही पर कंपनी के संसाधनों का फोकस बढ़ेगा और यह निवेशक सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों की नजरें कंपनी द्वारा रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन और अपील फाइल करने की प्रगति और समय-सीमा पर रहेंगी।
