Dodla Dairy के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 16 मई 2026 को हुई बैठक में फाइनेंशियल ईयर 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹41,856 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹2,670 करोड़ दर्ज किया गया।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹5 का डिविडेंड:
कंपनी के बोर्ड ने ₹5 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने पर यह डिविडेंड कंपनी के लिए कुल ₹301.64 मिलियन का भुगतान होगा। इस प्रस्ताव को आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में पेश किया जाएगा।
Osam Dairy का अधिग्रहण फाइनल:
एक महत्वपूर्ण खबर यह है कि Dodla Dairy ने HR Food Processing Private Limited (Osam Dairy) के ₹2,710 करोड़ के अधिग्रहण को कैश ट्रांजैक्शन (Cash Transaction) के जरिए अंतिम रूप दे दिया है। यह डील 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हो जाएगी।
क्यों है ये डील अहम?
Osam Dairy के अधिग्रहण से Dodla Dairy की ज्योग्राफिकल रीच (Geographical Reach) और प्रोडक्ट ऑफरिंग्स (Product Offerings) बढ़ने की उम्मीद है। इससे कंपनी के लिए नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स (Revenue Streams) खुल सकते हैं और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में भी सुधार हो सकता है।
नए लेबर कोड्स पर नजर:
Dodla Dairy भारत में लागू होने वाले नए लेबर कोड्स (New Labour Codes) पर भी बारीकी से नजर रख रही है। कंपनी ने पहले ही इन रेगुलेटरी शिफ्ट (Regulatory Shift) के कारण एम्प्लॉई बेनिफिट प्रोविजन्स (Employee Benefit Provisions) में एक बार की वृद्धि का अनुमान लगाया है। भविष्य में एम्प्लॉई कॉस्ट्स (Employee Costs) और कंप्लायंस रिक्वायरमेंट्स (Compliance Requirements) पर पड़ने वाले संभावित असर की भी समीक्षा की जा रही है।
बाजार में मुख्य प्रतिद्वंदी:
साउथ इंडिया के डेरी मार्केट में Dodla Dairy का मुकाबला Hatsun Agro Product Ltd और Heritage Foods Ltd जैसी बड़ी कंपनियों से है, जो रिटेल मिल्क (Retail Milk) और वैल्यू-एडेड आइटम्स (Value-added items) के कारोबार में सक्रिय हैं।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक 14 जुलाई 2026 को होने वाली 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में फाइनल डिविडेंड के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, Osam Dairy के इंटीग्रेशन (Integration) और उससे मिलने वाले सिनर्जीज़ (Synergies) को लेकर कंपनी की रणनीति, साथ ही नए लेबर कोड्स के फाइनेंशियल इम्प्लिकेशन्स (Financial Implications) पर निवेशकों की नजर रहेगी। कम्बाइंड एंटिटी (Combined Entity) का प्रदर्शन आने वाली तिमाहियों में कैसी रहेगी, इस पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।