शेयरहोल्डर्स की मंजूरी का इंतजार
DSM Fresh Foods के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 3 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक में यह फैसला लिया। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) से ₹20 करोड़ का लोन लिया जाएगा, जिससे कंपनी को अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, Avyom Foodtech Private Limited के लिए ₹5 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी भी मंजूर की गई है। हालांकि, इस गारंटी को अंतिम रूप देने के लिए शेयरहोल्डर्स (Shareholders) की मंजूरी मिलना जरूरी है।
Zappfresh का विस्तार और Avyom Foodtech का अधिग्रहण
आपको बता दें कि DSM Fresh Foods ऑनलाइन रिटेल ब्रांड Zappfresh का संचालन करती है, जो ताजे मीट, समुद्री भोजन और रेडी-टू-कुक/ईट (Ready-to-Cook/Eat) प्रोडक्ट्स में माहिर है। कंपनी ने 2015 में शुरुआत की थी और अक्टूबर 2025 में करीब ₹59 करोड़ का आईपीओ (IPO) लाकर फंड जुटाया था।
इसी साल 2026 की शुरुआत में, DSM Fresh Foods ने Avyom Foodtech Private Limited में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी। इस अधिग्रहण का मकसद अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को रेडी-टू-ईट (RTE) और रेडी-टू-कुक (RTC) सेगमेंट में विस्तार करना है। साथ ही, कंपनी विदेशी निर्यात बाजारों में भी पैठ बनाने की तैयारी में है। DSM Fresh Foods जलीय कृषि (Aquaculture) और समुद्री भोजन प्रसंस्करण (Seafood Processing) के लिए एक सहायक कंपनी विकसित करने पर भी काम कर रही है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों की नजर मुख्य रूप से ₹5 करोड़ की गारंटी के लिए होने वाले शेयरहोल्डर वोटिंग के नतीजों पर रहेगी। अगर शेयरहोल्डर्स मंजूरी नहीं देते हैं, तो यह Avyom Foodtech के वित्तीय इंतजामों या DSM की संभावित देनदारी को प्रभावित कर सकता है।
भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, DSM Fresh Foods अपने RTE/RTC उत्पादों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित करके खुद को अलग पहचान देने की कोशिश कर रही है। निवेशकों को शेयरहोल्डर मीटिंग, नए लोन सुविधा का उपयोग और Avyom Foodtech के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
