एक कर्मचारी पर बड़ा दांव?
Campus Activewear की यह ESOP ग्रांट खास है क्योंकि ये 7,00,000 ऑप्शन एक ही कर्मचारी को दिए गए हैं। कंपनी का यह कदम मैनेजमेंट के उस विश्वास को दर्शाता है कि यह कर्मचारी कंपनी के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ग्रांट का आधिकारिक ऐलान 1 मई, 2026 को हुआ और ये 2 मई, 2026 से प्रभावी होंगे, जिनकी एक्सपायरी दो साल बाद होगी।
डिस्काउंट और शेयरधारकों पर असर
इन ESOPs का सबसे अहम पहलू है इनकी कीमत। जहां ये ऑप्शन ₹220 प्रति शेयर पर दिए जा रहे हैं, वहीं 30 अप्रैल, 2026 तक शेयर का बाजार भाव लगभग ₹248.16 था। यानी, यह कीमत मौजूदा बाजार भाव से काफी कम है।
इस डिस्काउंट के चलते, अगर यह कर्मचारी इन ऑप्शंस को एक्सरसाइज करता है, तो मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (ownership stake) कम हो सकती है, यानी डाइल्यूशन (dilution) का खतरा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के कदम से कर्मचारियों को मोटिवेट किया जाता है, लेकिन अगर शेयर की कीमत अगले दो सालों में इस ₹220 के ग्रांट प्राइस से बहुत ऊपर नहीं जाती है, तो शेयरधारकों को वैल्यू क्रिएशन के बिना डाइल्यूशन का सामना करना पड़ सकता है।
टैलेंट रिटेंशन की रणनीति
Campus Activewear भारत के स्पोर्ट्स और एथलेजर फुटवियर सेगमेंट में एक जाना-पहचाना नाम है। कंपनी अपने खास टैलेंट को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए ESOPs को एक अहम टूल के रूप में इस्तेमाल करती आई है। 'ESOP 2021 - Vision Pool Scheme' इसी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब कंपनी Bata India, Metro Brands और Relaxo Footwears जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है। जहां Bata India को मुनाफे में गिरावट का सामना करना पड़ा है और Metro Brands की ग्रोथ थोड़ी धीमी रही है, वहीं Campus Activewear अपनी टीम की वफादारी सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है।
निवेशक और कर्मचारी अब इस बात पर नजर रखेंगे कि स्टॉक की कीमत अगले दो सालों में ₹220 के ग्रांट प्राइस के मुकाबले कैसा प्रदर्शन करती है और ये ESOPs कब और कैसे एक्सरसाइज किए जाते हैं।
