बड़ी डील या बड़ी चिंता?
Bhatia Communications & Retail (India) Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हाल ही में एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत कंपनी अपनी पार्टनरशिप फर्म Mahek Creation और Siara को कुल ₹1.5 करोड़ का लोन देगी। इस रकम को दोनों फर्मों में बराबर बांटा जाएगा, यानी Mahek Creation को ₹75 लाख और Siara को भी ₹75 लाख का लोन मिलेगा।
लोनों का गणित और जोखिम
खास बात यह है कि ये सभी लोन 'अनसिक्योर्ड' यानी बिना किसी कोलैटरल (सुरक्षा) के दिए जाएंगे। इन पर 9% का सालाना ब्याज लिया जाएगा, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि लोन की पूरी राशि 30 दिनों की छोटी सी अवधि में वापस चुकानी होगी। कंपनी का कहना है कि यह लोन उधार लेने वाली फर्मों की व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जा रहा है।
निवेशकों की नजरें इन बातों पर
इस तरह के 'अनसिक्योर्ड' और बहुत कम अवधि वाले लोन, खासकर जब वे किसी संबंधित इकाई को दिए जा रहे हों, तो निवेशकों के मन में कई सवाल खड़े कर सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ये लोन शायद उधार लेने वाली फर्मों के वर्किंग कैपिटल या ब्रिज फाइनेंसिंग की जरूरत को पूरा करने के लिए दिए गए हों। कंपनी के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन लोनों की टाइम पर वापसी सुनिश्चित करे, क्योंकि डिफॉल्ट (भुगतान न होने) की स्थिति में कंपनी को नुकसान हो सकता है।
कंपनी का बिजनेस
Bhatia Communications & Retail (India) Ltd मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक और टेलीकॉम उत्पादों का व्यापार करती है और भारत में रिटेल बिजनेस भी चलाती है। पिछले दो सालों के सार्वजनिक रिकॉर्ड्स में ऐसी बड़ी लोन देने की गतिविधियां या संबंधित पार्टियों के साथ इस तरह के बड़े सौदे सामने नहीं आए हैं।
