निदेशक के रूप में राधा रजप्पा की पुनर्नियुक्ति
Bata India ने यह प्रक्रिया इसलिए शुरू की है ताकि शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से राधा रजप्पा (Radha Rajappa) इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के पद पर बनी रहें। यह उनके कार्यकाल को औपचारिक रूप से जारी रखने के लिए ज़रूरी है।
कार्यकाल और मतदान की तारीखें
अगर शेयरहोल्डर्स हरी झंडी देते हैं, तो रजप्पा का दूसरा कार्यकाल 9 जून 2026 से शुरू होकर अगले तीन साल तक, यानी 8 जून 2029 तक चलेगा।
कंपनी ने 17 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड डेट (Record Date) तय किया है। इसके आधार पर, योग्य शेयरहोल्डर्स 24 अप्रैल 2026 से लेकर 23 मई 2026 तक अपना वोट डाल सकते हैं। वोटिंग के नतीजों की घोषणा 25 मई 2026 तक कर दी जाएगी।
डायरेक्टर की निरंतरता का महत्व
रजप्पा का दोबारा नियुक्त होना Bata India के बोर्ड के लिए उनके अनुभव और निगरानी (Oversight) को बनाए रखने के नज़रिए से अहम है। बोर्ड में डायरेक्टर्स की निरंतरता, खासकर स्वतंत्र सदस्यों की, कंपनी के स्थिर नेतृत्व और रणनीतिक फैसलों के लिए अच्छी मानी जाती है।
रेगुलेटरी पहलू
Bata India, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के तहत काम करती है। डायरेक्टर्स की नियुक्ति, खासकर स्वतंत्र डायरेक्टर्स की, SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 का पालन करते हुए की जाती है। यह सुनिश्चित करता है कि महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों के लिए शेयरहोल्डर्स का समर्थन हो, जो कि सुशासन (Corporate Governance) का एक अहम हिस्सा है।
शेयरहोल्डर्स के लिए ज़रूरी कदम
कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से इस वोटिंग प्रक्रिया में भाग लेकर राधा रजप्पा के कार्यकाल पर अपना फैसला देने का आग्रह किया है।
पुनर्नियुक्ति का जोखिम
इस पुनर्नियुक्ति में मुख्य जोखिम यह है कि यह पूरी तरह से शेयरहोल्डर्स द्वारा बहुमत से स्वीकृत होने पर निर्भर करती है। यदि आवश्यक वोट नहीं मिलते हैं, तो Bata India को एक नए स्वतंत्र निदेशक की तलाश करनी पड़ सकती है।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस
Bata India की तरह ही Relaxo Footwears Ltd और Metro Brands Ltd जैसी कंपनियों के बोर्ड में भी स्वतंत्र निदेशक होते हैं। भारतीय रिटेल सेक्टर में ऑब्जेक्टिव ओवरसाइट और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन के लिए ये भूमिकाएँ बहुत महत्वपूर्ण हैं।
डायरेक्टर का मेहनताना (Remuneration)
राधा रजप्पा को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सिटिंग फीस (Sitting Fees) के तौर पर ₹0.15 करोड़ मिले थे। वहीं, 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वर्ष के लिए उनका कुल रेमुनरेशन (Remuneration) और कमीशन ₹0.26 करोड़ रहा।
