FY26 के नतीजों के अनुसार, Bajaj Global Ltd को पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹4.15 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस हुआ है। यह पिछले साल की तुलना में मुनाफावसूली से घाटे में बड़ा बदलाव दर्शाता है। कंपनी की टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 50.36% बढ़कर ₹0.72 करोड़ तक पहुंच गई।
FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में, कंपनी ने ₹4.29 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया। इसी तिमाही में टोटल रेवेन्यू 263.07% बढ़कर ₹0.36 करोड़ रहा।
कंपनी को हुए इस बड़े सालाना नेट लॉस की मुख्य वजह खर्चों में जबरदस्त वृद्धि रही। कुल एनुअल खर्चे FY25 के ₹0.26 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹0.76 करोड़ हो गए, जो लगभग तीन गुना हैं। इसके अलावा, ₹4.03 करोड़ के एक बड़े डेफर्रड टैक्स एक्सपेंस ने भी घाटे को और गहरा कर दिया।
कंपनी की वित्तीय स्थिति भी काफी कमजोर हुई है। टोटल एसेट्स FY25 के ₹39.04 करोड़ से घटकर FY26 में ₹22.90 करोड़ रह गए। इसी तरह, टोटल इक्विटी भी इसी अवधि में ₹39.01 करोड़ से गिरकर ₹22.87 करोड़ हो गई।
कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने Bajaj Global के वित्तीय नतीजों पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन (बिना किसी बड़े अकाउंटिंग मुद्दे के) दिया है।
FY2026 से पहले, Bajaj Global Ltd सफलतापूर्वक नेट प्रॉफिट दर्ज कर रही थी। कंपनी का बिजनेस कंज्यूमर गुड्स, इलेक्ट्रिकल एप्लायंसेज और स्टेशनरी की ट्रेडिंग से जुड़ा है।
इस भारी नेट लॉस और सिकुड़ती इक्विटी के कारण शेयरधारकों को वैल्यू इरोजन का सामना करना पड़ सकता है। मुख्य जोखिमों में कंपनी की ऑपरेशनल खर्चों को कंट्रोल करने की क्षमता, मुनाफे में वापस आने की क्षमता और यदि घाटा जारी रहता है तो एसेट्स और इक्विटी बेस के और बिगड़ने की संभावना शामिल है।
निवेशक खर्चों में बढ़ोतरी के कारणों और मैनेजमेंट द्वारा किसी भी प्रस्तावित लागत-बचत उपायों पर कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर करीब से नज़र रखेंगे। FY2027 के लिए भविष्य के तिमाही और सालाना नतीजें टर्नअराउंड की क्षमता के मुख्य संकेतक होंगे। कंपनी की वित्तीय सेहत को सुधारने की रणनीतिक पहलों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।