नेतृत्व में बड़े बदलाव, क्या है रणनीति?
Avenue Supermarts (DMart) में नेतृत्व स्तर पर महत्वपूर्ण बदलावों का दौर शुरू हो गया है। स्वतंत्र डायरेक्टर Chandrashekhar Bhave अपना दूसरा कार्यकाल 16 मई 2026 को पूरा कर रहे हैं, जिसके बाद वह पद छोड़ देंगे।
इसके साथ ही, 2 मई 2026 से कंपनी की सीनियर मैनेजमेंट (Senior Management) में कई अहम फेरबदल लागू हो रहे हैं। सबसे बड़ा बदलाव Rohit Mundhra के पद में आया है, जो अब इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) के पद से हटकर राजस्थान के रीजनल हेड - ऑपरेशंस (Regional Head - Operations) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव के चलते वह सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल्स (Senior Management Personnel) की श्रेणी से बाहर हो जाएंगे।
वहीं, रिस्क और कंप्लायंस (Risk and Compliance) के हेड Ravi Sharma को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर का अतिरिक्त पद भी सौंपा गया है, और वे सीनियर मैनेजमेंट में बने रहेंगे।
Hitesh Shah, जो अभी फार्मा बिजनेस (Pharma Business) के हेड हैं, अब फूड बिजनेस (Food Business) का जिम्मा भी देखेंगे। उन्हें चीफ बिजनेस ऑफिसर - फार्मेसी एंड फूड सर्विसेज (Chief Business Officer - Pharmacy and Food Services) का नया टाइटल दिया गया है और वे सीनियर मैनेजमेंट में ही रहेंगे। उनके अधीन, हेड ऑफ फूड सर्विसेज (Head of Food Services) Stephen Thomas, अब Hitesh Shah को रिपोर्ट करेंगे और इस नई रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर के कारण सीनियर मैनेजमेंट से बाहर हो जाएंगे।
कंपनी का कहना है कि इन फेरबदलों का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को बढ़ाना और प्रमुख बिजनेस एरियाज में मैनेजमेंट के फोकस को और तेज करना है। इससे रिपोर्टिंग लाइन्स (Reporting Lines) सुव्यवस्थित होंगी और फार्मेसी व फूड सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा।
यह फेरबदल हालिया लीडरशिप नियुक्तियों के क्रम में भी देखे जा रहे हैं। Kalpana Unadkat 1 अप्रैल 2026 से चेयरपर्सन (Chairperson) बन गई हैं, जबकि Anshul Asawa 1 फरवरी 2026 से सीईओ (CEO) हैं और 1 अप्रैल 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वहीं, Rajeev Chandrasekharan ने अप्रैल 2026 में हेड - सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Head - Centre of Excellence) के पद से इस्तीफा दिया था, जो 5 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।
इन बदलावों से निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी के संचालन में और अधिक स्पष्टता आएगी और प्रमुख व्यावसायिक इकाइयों पर बेहतर लीडरशिप ओवरसाइट (Leadership Oversight) मिलेगा।
