टैक्स का चक्कर खत्म, कंपनी को मिली बड़ी राहत
Allied Blenders and Distillers Ltd (ABDL) की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, ABD Dwellings Private Limited, के लिए यह एक बहुत बड़ी जीत है। कंपनी ने एक महत्वपूर्ण टैक्स मामले में सफलता हासिल की है, जिसके नतीजे में अब उस पर ₹16.16 करोड़ की इनकम-टैक्स देनदारी नहीं रही। यह फेवरेबल ऑर्डर 22 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था, जिसने ग्रुप के लिए एक बड़ी फाइनेंशियल चिंता को दूर कर दिया है।
ABDL ने 23 अप्रैल 2026 को इस डेवलपमेंट की जानकारी दी, जो इस लंबे टैक्स डिस्प्यूट के खत्म होने का संकेत देता है।
₹16 करोड़ की देनदारी पर कैसे लगी रोक?
ऑर्डर के अनुसार, ABD Dwellings Private Limited की मूल इनकम-टैक्स लायबिलिटी, जो ₹16,16,16,000 थी, अब घटकर शून्य हो गई है। यह फैसला सब्सिडियरी के लिए एक बहुत बड़ा फाइनेंशियल बूस्ट है, क्योंकि इससे उसकी बैलेंस शीट मजबूत होगी और भविष्य की अनिश्चितता खत्म होगी।
कंपनी और उसके टैक्स इतिहास पर एक नजर
ABD Dwellings Private Limited को अगस्त 2013 में इनकॉर्पोरेट किया गया था और यह बिल्डिंग कंप्लीशन सेक्टर में काम करती है। फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में इसका रेवेन्यू केवल ₹7,000 दर्ज किया गया था। वहीं, पैरेंट कंपनी Allied Blenders and Distillers Ltd, जो भारत की एक प्रमुख स्पिरिट्स कंपनी है, ने जुलाई 2024 में अपना IPO पूरा किया था। ABDL का यह टैक्स केस इसकी मूल कंपनी के इतिहास में हुए कई टैक्स लिटिगेशन और अपील्स का हिस्सा है, जिनमें से कुछ डिमांड्स को पहले भी कम किया गया था या खत्म किया गया था।
निवेशकों के लिए चिंता के बिंदु
यह ध्यान देने योग्य है कि ₹16.16 करोड़ की मूल टैक्स लायबिलिटी, ABD Dwellings के FY25 के ₹7,000 के रेवेन्यू की तुलना में काफी बड़ी थी। इससे पता चलता है कि शुरुआती विवाद कितना गंभीर था। इसके अलावा, Allied Blenders and Distillers Ltd का टैक्स लिटिगेशन का इतिहास भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
