Visa Industries ने VISA Chrome Limited में अपनी हिस्सेदारी को 62.40% तक पहुंचा दिया है। कंपनी ने 4,43,87,167 अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के एक ताज़ा आदेश के बाद यह डील हुई है, जिससे अब Visa Industries के पास कुल 9,09,77,167 शेयर हो गए हैं।
बैकग्राउंड
यह पूरा मामला VISA Chrome Limited (जो पहले Visa Steel Limited के नाम से जानी जाती थी) के बैकग्राउंड से जुड़ा है। कंपनी अपने भारी कर्ज के कारण जुलाई 2019 में कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में चली गई थी। बाद में, जून 2021 में NCLT ने विशाल ग्रुप की कंपनियों, जिसमें Visa Industries भी शामिल है, द्वारा पेश किए गए एक रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। इसी प्लान के तहत अब यह हिस्सेदारी बढ़ी है।
इसका क्या मतलब है?
इस कदम से Visa Industries का फेरो-अलॉय और स्टील बनाने वाली कंपनी VISA Chrome पर मेजॉरिटी कंट्रोल और भी पक्का हो गया है। ग्रुप की संरचना अब ज्यादा स्ट्रीमलाइन हो गई है, और माना जा रहा है कि Visa Industries का VISA Chrome की स्ट्रेटेजिक दिशा पर सीधा असर होगा।
आगे क्या देखना होगा?
हालांकि, इस पूरे ट्रांजैक्शन का अंतिम रूप NCLT द्वारा स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को फाइनल मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा। इस आदेश के खिलाफ किसी भी तरह की चुनौती से कन्सॉलिडेटेड शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर पर असर पड़ सकता है, जो रेगुलेटरी निर्भरता को दिखाता है।
इंडस्ट्री में स्थिति
VISA Chrome भारत के फेरो-अलॉय सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर में Maithan Alloys Ltd जैसी बड़ी कंपनियां भी हैं, जो देश की सबसे बड़ी फेरो-अलॉय प्रोड्यूसर हैं, और Jindal Stainless Ltd जैसी इंटीग्रेटेड स्टील कंपनियां भी प्रमुख प्लेयर हैं।
मुख्य फाइनेंशियल आंकड़े
शेयरों के अधिग्रहण के बाद, VISA Chrome Limited का कुल इक्विटी शेयर कैपिटल ₹145.78 करोड़ हो गया है।
आगे क्या?
निवेशक NCLT द्वारा मंजूर स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के पूर्ण कार्यान्वयन से जुड़ी अगली घोषणाओं पर नजर रखेंगे। शेयरहोल्डिंग में बदलाव और NCLT आदेश के असर पर कोई भी ऑफिशियल डिस्क्लोजर खास होगा।