डिविडेंड का पूरा हिसाब-किताब
कंपनी ने 28 मार्च, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है, जिसके आधार पर शेयरधारकों को यह डिविडेंड मिलेगा। यह वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अंतरिम डिविडेंड है। इससे पहले, कंपनी जून 2025 में ₹7 प्रति शेयर और अगस्त 2025 में ₹16 प्रति शेयर का डिविडेंड दे चुकी है। ₹4,300 करोड़ का यह भुगतान सीधे शेयरधारकों को मिलेगा, जिससे कंपनी के कैश रिजर्व (Cash Reserves) में कमी आएगी और बैलेंस शीट पर असर पड़ेगा। यह डिविडेंड भुगतान निवेशकों को पुरस्कृत करने की वेदांता की रणनीति को दर्शाता है।
हालांकि, कंपनी पर भारी कर्ज का बोझ है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, Vedanta का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) लगभग 190.3% और नेट डेट-टू-इक्विटी (Net Debt-to-Equity) 202.5% के आसपास है। ऐसे में बड़े डिविडेंड भुगतान की स्थिरता पर निवेशकों की नजर रहेगी।
कंपनी को हाल के दिनों में कुछ रेगुलेटरी (Regulatory) चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। जुलाई 2023 में SEBI ने सेमीकंडक्टर योजनाओं से जुड़े डिस्क्लोजर (Disclosure) नियमों के उल्लंघन पर ₹30 लाख का जुर्माना लगाया था। जुलाई 2025 में Viceroy Research ने भी सुशासन (Governance) और कर्ज को लेकर सवाल उठाए थे।
अपने साथियों की तुलना में, Vedanta की डिविडेंड भुगतान की रणनीति अक्सर अधिक आक्रामक (Aggressive) मानी जाती है। उदाहरण के लिए, Hindalco Industries फ्री कैश फ्लो का 8-10% और Tata Steel लाभ का 50% तक भुगतान करने का लक्ष्य रखता है। Coal India भी अच्छा यील्ड (Yield) प्रदान करता है।
अहम फाइनेंशियल आंकड़े
- डेट टू इक्विटी रेशियो (TTM, consolidated): 2.57
- नेट डेट टू इक्विटी (पिछले क्वार्टर): 202.5%
- ऑपरेटिंग एक्टिविटी से कैश फ्लो (March 2025, consolidated TTM): ₹39,562 Cr
आगे क्या?
निवेशक अब तिमाही नतीजों, कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) और कर्ज प्रबंधन (Debt Management) पर प्रबंधन की टिप्पणी, और किसी भी नई रेगुलेटरी डेवलपमेंट पर नजर रखेंगे।
