यह खास छूट सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के रेगुलेशंस के तहत दी गई है। SEBI के नियमों के अनुसार, अगर किसी लिस्टेड कंपनी का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹10 करोड़ से अधिक नहीं है और नेट वर्थ ₹25 करोड़ से कम है, तो उसे इस रिपोर्ट से एग्ज़ेंप्शन (exemption) मिल सकता है।
Shukra Bullions ने कन्फर्म किया है कि 31 मार्च 2025 तक के उनके आंकड़े इन पैमानों पर फिट बैठते हैं। कंपनी का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹5.01 करोड़ और नेट वर्थ ₹2.61 करोड़ रहा।
इस रेगुलेटरी राहत का सीधा असर यह होगा कि कंपनी पर कंप्लायंस का बोझ और उससे जुड़े एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चे काफी कम हो जाएंगे। इस खास रिपोर्ट को तैयार करने और जमा करने की ज़रूरत न होने से, Shukra Bullions अपने मुख्य कारोबार, यानी सोना और चांदी के बुलियन (bullion) के ट्रेडिंग पर बेहतर तरीके से फोकस कर पाएगी।
शेयरधारकों (shareholders) को भी अप्रत्यक्ष रूप से कम खर्चे का फायदा मिलेगा। आने वाले समय में, निवेशक कंपनी के पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल या नेट वर्थ में होने वाले किसी भी बदलाव पर नज़र रखेंगे, जो भविष्य में उनकी एग्ज़ेंप्शन की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
