यह फैसला कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 14 मई, 2026 को हुई मीटिंग में लिया गया। इस मीटिंग में कंपनी ने अपने अधिकृत पूंजी (authorised capital) को ₹160 करोड़ से बढ़ाकर ₹310 करोड़ करने का भी प्रस्ताव पास किया है। यह ₹150 करोड़ का इजाफा होगा। इसके अलावा, ₹250 करोड़ की अलग सीमा लोन, इन्वेस्टमेंट और गारंटी के लिए तय की गई है।
इन सब कदमों का मुख्य मकसद Sarveshwar Foods को भविष्य में विस्तार (expansion) और दूसरे ग्रोथ अवसरों के लिए ज्यादा वित्तीय लचीलापन (financial flexibility) देना है। कंपनी इस बढ़ी हुई उधारी क्षमता का इस्तेमाल बड़े ऑपरेशन्स या निवेश के लिए कर सकती है।
बोर्ड ने श्री मुबारक सिंह को 27 जून, 2026 से शुरू होने वाले अगले 5 सालों के लिए स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के तौर पर फिर से नियुक्त करने की भी मंजूरी दी है, जिसकी पुष्टि शेयरधारकों को करनी होगी।
Sarveshwar Foods, जो मुख्य रूप से बासमती चावल और संबंधित उत्पादों के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में काम करती है, इन फंड्स का इस्तेमाल अपनी प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स सुधारने और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय मार्केट की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए कर सकती है।
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फंड जुटाने, पूंजी बढ़ाने और उधारी सीमा में बदलाव के ये सभी प्रस्ताव शेयरधारकों (shareholders) और रेगुलेटरी अथॉरिटीज (regulatory authorities) की मंजूरी पर निर्भर करेंगे।
कंपनी एक कॉम्पिटिटिव मार्केट में काम करती है, जहां KRBL Ltd और LT Foods Ltd जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही बासमती चावल सेगमेंट में लीड कर रही हैं। Sarveshwar Foods को इन प्लेयर्स से मुकाबला करने के लिए अपनी विस्तार योजनाओं पर खास ध्यान देना होगा।
संक्षेप में, बोर्ड की मीटिंग में $100 मिलियन के फंड रेजिंग, अधिकृत पूंजी में ₹150 करोड़ का इजाफा, और उधारी सीमा में ₹800 करोड़ (₹1,000 करोड़ से ₹200 करोड़) की बढ़ोतरी के प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है।
