इनसाइडर ट्रेडिंग पर SEBI की सख्ती
यह कदम SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने वाले नियमों के तहत उठाया गया है। कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और मैनेजमेंट से जुड़े खास लोगों को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने की इजाजत तब तक नहीं होगी, जब तक कि कंपनी का बोर्ड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी नहीं दे देता। यह पाबंदी बोर्ड मीटिंग के 48 घंटे बाद तक लागू रहेगी। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी की अंदरूनी, कीमत-संवेदनशील जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो और सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
कंपनी की माली हालत चिंताजनक
Reetech International, जिसे पहले Reetech International Cargo and Courier Limited के नाम से जाना जाता था, पिछले कुछ समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। साल 2008 में बनी यह कंपनी पहले एग्रीकल्चर गुड्स का कारोबार करती थी, लेकिन 2020 के आसपास इसने कोयला ट्रेडिंग में कदम रखा।
FY25 में कंपनी के रेवेन्यू में भारी गिरावट दर्ज की गई। यह 59.25% घटकर ₹1192.61 लाख रह गया। इसी फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में कंपनी को ₹35.87 लाख का घाटा भी हुआ। साल 2026 की शुरुआत तक, कंपनी के वित्तीय संकेतकों में रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) -31.3% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) -0.26% जैसे नकारात्मक आंकड़े दिखे हैं। साथ ही, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें भी बढ़ी हैं।
क्या और भी कंपनियां कर रही हैं ऐसा?
Reetech International अकेली कंपनी नहीं है जिसने अपने नतीजों से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद की हो। Transport Corporation of India Limited और Reganto Enterprises Limited जैसी कंपनियों ने भी अपने Q4FY26 के फाइनेंशियल रिजल्ट्स के लिए इसी तरह के कदम उठाए हैं, जो SEBI के नियमों का पालन कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी के बोर्ड की मीटिंग की तारीख का इंतजार करना होगा, जहां FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी जाएगी। कंपनी के प्रदर्शन के आधिकारिक आंकड़े सामने आने के बाद ही बाजार की असल तस्वीर साफ होगी।
