बड़ा कदम: Pilibhit यूनिट बंद, क्यों?
Modi Naturals Ltd ने उत्तर प्रदेश स्थित अपनी Pilibhit मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बंद करने का ऐलान किया है। यह यूनिट कंपनी के स्टैंडअलोन टर्नओवर में करीब ₹16 करोड़ का योगदान देती थी। कंपनी इस गैर-लाभकारी यूनिट के प्लांट और मशीनरी को ₹63 लाख में बेच देगी, जबकि जमीन और इमारतें Modi Naturals के पास ही रहेंगी।
सौदे की डिटेल्स और समय-सीमा
इस बिक्री समझौते पर 21 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर किए गए हैं, और यह 23 अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। बंद होने वाली इस यूनिट का कंपनी के कुल टर्नओवर में लगभग 4% हिस्सा था। वहीं, इसके स्टैंडअलोन नेट वर्थ पर इसका असर करीब ₹90 लाख या 0.81% था।
बिजनेस कंसॉलिडेशन का प्लान
यह क्लोजर Modi Naturals के बल्क ऑयल बिजनेस को स्ट्रीमलाइन करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। गैर-लाभकारी यूनिट से बाहर निकलकर, कंपनी का लक्ष्य ओवरऑल एफिशिएंसी (efficiency) बढ़ाना और अपने मुख्य, अधिक मुनाफे वाले ऑपरेशन्स पर फोकस करना है।
ऑपरेशनल इंपैक्ट (Operational Impact)
कंपनी Pilibhit यूनिट के प्रोसेसिंग वॉल्यूम्स (processing volumes) को अपनी नजदीकी सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट (solvent extraction plant) में शिफ्ट करने की योजना बना रही है। Modi Naturals को इस क्लोजर से कोई बड़ा एडवर्स इंपैक्ट (adverse impact) होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि नजदीकी प्लांट में पहले से ही पर्याप्त स्पेयर कैपेसिटी (spare capacity) मौजूद है। इस कंसॉलिडेशन से ऑपरेशनल सिनर्जी (operational synergy) बढ़ने की उम्मीद है।
बाजार का हाल और आगे की राह
Modi Naturals कॉम्पिटिटिव एडिबल ऑयल (edible oil) और ओलियोकेमिकल्स (oleochemicals) सेक्टर में काम करती है। कंपनी को Q3 फाइनेंशियल ईयर 2024 में नेट लॉस (net loss) और रेवेन्यू (revenue) में गिरावट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन (cost optimization) पर फोकस बढ़ा है।
इस कंसॉलिडेशन के बाद, निवेशकों की नजरें ₹63 लाख की प्लांट और मशीनरी की बिक्री कन्फर्म होने पर होंगी। साथ ही, Pilibhit की प्रोसेसिंग कैपेसिटी को मौजूदा प्लांट में सफलतापूर्वक इंटीग्रेट (integrate) करने और कंसॉलिडेशन के बाद कंपनी के रेवेन्यू व प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर कुल असर पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
