उत्पादन बढ़ा, पर बिक्री में मामूली उछाल
FY26 में MOIL Limited का कुल उत्पादन पिछले साल के 18.03 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 19.07 लाख मीट्रिक टन हो गया है। यह 5.7% की बढ़ोतरी दर्शाता है। लेकिन, उत्पादन बढ़ने के बावजूद, कंपनी की पूरे साल की कुल बिक्री सिर्फ 15.89 लाख मीट्रिक टन रही, जो पिछले साल के 15.87 लाख मीट्रिक टन के बेहद करीब है। यानी, सालाना बिक्री लगभग फ्लैट रही।
मार्च महीने में बिक्री में शानदार तेजी
जहां साल भर की बिक्री स्थिर रही, वहीं साल के आखिरी महीने, मार्च 2026 में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। इस महीने बिक्री 29.5% बढ़कर 2.02 लाख मीट्रिक टन पहुंच गई, जबकि मार्च 2025 में यह 1.56 लाख मीट्रिक टन थी। मार्च 2026 में मासिक उत्पादन भी थोड़ा बढ़कर 1.64 लाख मीट्रिक टन हो गया, जो पिछले साल मार्च के 1.59 लाख मीट्रिक टन से थोड़ा ज्यादा है।
उत्पादन-बिक्री का अंतर और विश्लेषण
उत्पादन में बढ़ोतरी और सालाना बिक्री के फ्लैट रहने के बीच का यह अंतर बताता है कि साल के ज्यादातर समय कंपनी को बिक्री या कीमतों को लेकर कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा होगा। मार्च में आई जोरदार तेजी से यह संकेत मिलता है कि साल के अंत में मांग बढ़ी या कंपनी ने बिक्री के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।
MOIL भारत की सबसे बड़ी मैंगनीज अयस्क (manganese ore) उत्पादक कंपनी है और यह मिनिस्ट्री ऑफ स्टील के अधीन काम करती है। FY25 में कंपनी ने रिकॉर्ड 18.02 लाख टन उत्पादन और 15.87 लाख टन बिक्री हासिल की थी।
जुर्माने और कानूनी मामले
कंपनी को कुछ वित्तीय झटकों का भी सामना करना पड़ा है। NSE और BSE ने बोर्ड कंपोजिशन में गड़बड़ी के चलते ₹10.86 लाख का जुर्माना लगाया था। जनवरी 2025 में, टिरोडी माइन में ऐतिहासिक अतिरिक्त उत्पादन को लेकर ₹16.77 करोड़ का जुर्माना जारी किया गया था, जिस पर MOIL अपील करने की योजना बना रही है।
इंडस्ट्री और निवेशक
MOIL का मुकाबला NMDC Ltd और Sandur Manganese & Iron Ores Ltd जैसी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से है। वहीं, JSW Steel Ltd जैसी बड़ी स्टील निर्माता कंपनियां इसके प्रमुख ग्राहक हैं। निवेशकों की नजर अब कंपनी की पूरी वित्तीय रिपोर्ट पर है, ताकि मुनाफे और मार्जिन को समझा जा सके।