मुनाफा और ग्लोबल विस्तार की ओर Lloyds Metals
Lloyds Metals and Energy Ltd ने 5 मई, 2026 को अपने FY26 के नतीजे घोषित किए, जिसने निवेशकों को खुशखबरी दी है। कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी ने ₹16,822.43 करोड़ का रेवेन्यू और ₹3,828.64 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। वहीं, स्टैंडअलोन नतीजों में रेवेन्यू ₹13,530.51 करोड़ और PAT ₹3,194.30 करोड़ रहा।
कंपनी के बड़े फैसले
नतीजों के साथ, कंपनी के बोर्ड ने कई अहम फैसलों को हरी झंडी दिखाई है। इसमें ₹700 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने को मंजूरी देना शामिल है। साथ ही, प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹2,500 करोड़ अतिरिक्त जुटाने की इनेबलिंग अप्रूवल भी मिल गई है।
एक बड़े स्ट्रेटेजिक मूव में, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी LGRF के माध्यम से पापुआ न्यू गिनी (PNG) की एक माइनिंग कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। यह कदम कंपनी के इंटरनेशनल विस्तार और नए माइनिंग क्षेत्रों में एंट्री की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शेयरहोल्डर्स को भी कंपनी ने 100% का फाइनल डिविडेंड (₹1 प्रति शेयर) घोषित किया है, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स रमेश लुहारुका और सुश्री सीमा सैनी को उनके दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है।
भविष्य की राह
यह मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस कंपनी की कुशल ऑपरेशन्स को दर्शाता है। NCDs से जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल विस्तार, कर्ज प्रबंधन या नई रणनीतिक पहलों के लिए किया जा सकता है। PNG माइनिंग में निवेश कंपनी के लिए नए अवसर खोलेगा।
इंडस्ट्री में कहां है Lloyds Metals?
NMDC Ltd, जो भारत का सबसे बड़ा आयरन ओर उत्पादक है, की तुलना में Lloyds Metals का FY26 रेवेन्यू और PAT समान स्तर पर है। MOIL Ltd, एक मैंगनीज ओर उत्पादक, के FY25 रेवेन्यू लगभग ₹1,700 करोड़ और PAT ₹500 करोड़ थे, जो दिखाता है कि Lloyds Metals बहुत बड़े पैमाने पर काम कर रही है। Vedanta Ltd एक डाइवर्सिफाइड कंपनी है, लेकिन Lloyds Metals का आयरन ओर पर फोकस और हालिया नतीजे इसे अपने सेक्टर में एक अहम खिलाड़ी बनाते हैं।
