क्यों बढ़ी चिंताएं?
स्टैंडअलोन नतीजे भले ही अच्छे दिख रहे हों, लेकिन कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी की वित्तीय तस्वीर थोड़ी चिंताजनक है। पूरे FY26 के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर ₹64.46 करोड़ हो गया, जो पिछले साल FY25 में ₹42.75 करोड़ था।
मुनाफे और रेवेन्यू का गणित
Q4 FY26 में, Deccan Gold Mines ने ₹16.79 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹6.69 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर, Q4 FY26 का रेवेन्यू ₹9.34 करोड़ रहा, जिसमें ₹5.74 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया।
सबसे खास बात यह है कि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 1,894.87% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो ₹0.47 करोड़ से बढ़कर ₹9.34 करोड़ हो गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 में भी कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 174.23% की तेजी देखी गई, जो ₹5.18 करोड़ से बढ़कर ₹14.20 करोड़ हो गया।
राइट्स इश्यू से मिली मजबूती
कंपनी ने हाल ही में ₹314.70 करोड़ का राइट्स इश्यू सफलतापूर्वक पूरा किया है। इससे कंपनी की इक्विटी बेस मजबूत होकर ₹495.95 करोड़ तक पहुंच गई है। यह फंड कंपनी के ऑपरेशंस और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के लिए महत्वपूर्ण है।
ऑडिटर की चेतावनी: लोन का रिस्क
निवेशकों के लिए एक अहम पॉइंट यह है कि कंपनी के ऑडिटर ने ₹190.16 करोड़ के अनसिक्योर्ड इंटर-कंपनी लोन को लेकर चिंता जताई है। इन लोन्स की रिकवरी सीधे तौर पर अफगानिस्तान के Altyn Tor प्रोजेक्ट से होने वाले भविष्य के गोल्ड प्रोडक्शन पर निर्भर करती है। अगर प्रोजेक्ट सफल नहीं हुआ, तो इन लोन्स की रिकवरी में दिक्कत आ सकती है।
कंपनी और प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि
Deccan Gold Mines मुख्य रूप से भारत और अफगानिस्तान में सोना और अन्य खनिजों की खोज और खनन का काम करती है। ₹314.70 करोड़ का राइट्स इश्यू FY25 में इसी उद्देश्य से किया गया था कि Altyn Tor गोल्ड प्रोजेक्ट जैसे अहम प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट को फंड किया जा सके। Altyn Tor प्रोजेक्ट FY 2026-27 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब Altyn Tor प्रोजेक्ट के समय पर शुरू होने और इंटर-कंपनी लोन्स की वापसी की रणनीति पर होंगी। कंपनी के लिए कंसोलिडेटेड लॉस को कम करके प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना एक बड़ी चुनौती रहेगी।
