AdiMem की कमर्शियल सेल शुरू
Vipul Organics ने ऐलान किया है कि उसकी सब्सिडियरी AdiMem Technologies ने अपनी खास (proprietary) मेंब्रेन की कमर्शियल सेल शुरू कर दी है। कंपनी का इरादा इस नए वेंचर के ज़रिए भारत के बढ़ते वॉटर ट्रीटमेंट और फिल्ट्रेशन मार्केट में एक अहम प्लेयर बनना है। यह पिगमेंट्स और डाइज के अपने पुराने बिज़नेस से हटकर एक बड़ा कदम है।
कंपनी को उम्मीद है कि अगले 3 सालों में उसका मेंब्रेन सॉल्यूशंस वाला सेगमेंट कुल रेवेन्यू का 25% योगदान देगा। इस स्ट्रेटेजिक मूव को गुजरात के सायखा (Sayakha) में मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के शुरू होने से बल मिला है, जहाँ इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल और टेस्टिंग का काम होगा।
एक अहम डायवर्सिफिकेशन
यह डायवर्सिफिकेशन Vipul Organics के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। पिगमेंट्स और डाइज के लंबे समय से चल रहे ऑपरेशंस से आगे बढ़कर, कंपनी हाई-ग्रोथ मार्केट में उतर रही है। इंडस्ट्रियलाइजेशन, सख्त पर्यावरण नियमों और साफ पानी की बढ़ती मांग इस मार्केट को रफ्तार दे रही है। यह भारत का पहला पूरी तरह से स्वदेशी (indigenous) हाई-परफॉरमेंस मेंब्रेन मैन्युफैक्चरर बन सकता है, जिससे कंपनी को 'मेक इन इंडिया' पहलों को सपोर्ट करने और कॉम्पिटिटिव एज हासिल करने में मदद मिल सकती है।
ग्रोथ की नींव: फंडरेजिंग और फैसिलिटी
कंपनी ने इस डायवर्सिफिकेशन की तैयारी पहले ही कर ली थी, जिसमें 2023 के आखिर/2024 की शुरुआत में राइट्स इश्यू (Rights Issue) भी शामिल था। इस फंडरेजिंग का मकसद गुजरात के सायखा स्थित मेंब्रेन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के एक्सपेंशन के लिए था। इस फैसिलिटी में एडवांस्ड मेंब्रेन के प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल और टेस्टिंग के लिए इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिससे इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन (import substitution) की ज़रूरतें पूरी हो सकें।
नए बिज़नेस का असर और मार्केट की स्थिति
Vipul Organics अब पिगमेंट्स और डाइज बनाने वाली कंपनी से एक डायवर्सिफाइड कंपनी में बदल रही है, जिसमें एक नया हाई-पोटेंशियल ग्रोथ एरिया जुड़ गया है। सब्सिडियरी AdiMem Technologies अब रेवेन्यू जेनरेट करने वाली यूनिट बन गई है, जिसके तेजी से स्केल-अप (scale-up) होने की उम्मीद है। सायखा, गुजरात स्थित फैसिलिटी मेंब्रेन बिज़नेस का एक अहम हब बनेगी। कंपनी भारत के बढ़ते वॉटर ट्रीटमेंट और फिल्ट्रेशन सेक्टर में मार्केट शेयर हासिल करने का लक्ष्य रखती है। इस नए वेंचर से कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी में मीडियम टर्म में योगदान की उम्मीद है।
जहां Vipul Organics मेंब्रेन मैन्युफैक्चरिंग में उतर रही है, वहीं भारत के वॉटर ट्रीटमेंट सेक्टर में Ion Exchange (India) Ltd और Thermax Ltd जैसे स्थापित प्लेयर्स भी मौजूद हैं। हालांकि, स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग पर Vipul Organics का फोकस इसे एक खास जगह दिला सकता है। भारतीय मेंब्रेन सेपरेशन मार्केट में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है। अनुमान है कि यह 2026 में USD 1.34 बिलियन से बढ़कर 2033 तक USD 2.7 बिलियन हो जाएगा, जिसकी CAGR 11.52% रहने की उम्मीद है। समग्र भारतीय फिल्ट्रेशन मार्केट 2033 तक USD 6.33 बिलियन तक पहुँच सकता है, जबकि केमिकल मेंब्रेन की सालाना मांग में FY2027 तक 12–15% की ग्रोथ का अनुमान है।
