Vinyl Chemicals (India) Ltd के FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹630.26 करोड़ से बढ़कर ₹663.63 करोड़ हो गया, लेकिन नेट प्रॉफिट में अच्छी-खासी गिरावट आई है। पिछले साल ₹22.33 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी ने इस साल सिर्फ़ ₹16.50 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी ₹30.40 करोड़ से घटकर ₹22.18 करोड़ पर आ गया, जबकि बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹12.17 से लुढ़ककर ₹8.99 हो गया।
मुनाफे में गिरावट की वजह?
कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्रॉफिट में यह गिरावट मुख्य रूप से नए लेबर कोड्स (Labour Codes) से जुड़ी लागतों और अनिश्चितता के कारण आई है। हालांकि, कंपनी ने FY26 के नतीजों में इन कोड्स के संभावित असर को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी लाभों (employee benefits) के लिए अकाउंटिंग एडजस्टमेंट किए हैं, लेकिन नियमों के अंतिम रूप लेने पर भविष्य में और भी बदलाव की ज़रूरत पड़ सकती है।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान
इस बीच, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों के लिए ₹7 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा, जिसके लिए ₹12.84 करोड़ की कुल राशि का भुगतान किया जाएगा।
कंपनी प्रोफाइल और निवेशक ध्यान दें
Vinyl Chemicals (India) Limited, 1986 में स्थापित हुई और मुंबई हेडक्वार्टर वाली कंपनी, केमिकल ट्रेडिंग सेक्टर में Vinyl Acetate Monomer (VAM) पर फोकस करती है। यह Parekh Group का हिस्सा है। निवेशकों को आगामी AGM में ₹7 के डिविडेंड को मंजूरी मिलने, नए लेबर कोड्स के अंतिम नियमों और उनके अकाउंटिंग पर पड़ने वाले असर पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट मार्जिन को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा ताकि कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस का सही अंदाज़ा लग सके। कंपनी केमिकल ट्रेडिंग सेक्टर में Veritas (India) Ltd और Black Rose Industries Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
