Vikas Lifecare Limited के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबरें हैं। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने अनऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं, जिसमें ₹18.76 लाख का घाटा दर्ज किया गया है। यह घाटा ₹96.54 लाख के रेवेन्यू पर हुआ।
हालांकि, अच्छी बात यह है कि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों (Nine Months) में कंपनी ने ₹104.39 लाख का मुनाफा (Profit Before Tax) कमाया है। यह इस अवधि के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
इन नतीजों के साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के लिए कई अहम कारोबारी सौदों (Operational Transactions) को भी पोस्टल बैलेट के जरिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इन सौदों में इन्वेस्टमेंट्स, लोंस और गारंटी जैसे मामले शामिल हैं।
कंपनी विभिन्न क्रॉस-बॉर्डर डीलिंग्स, खासकर Ebix Inc. और IGL Genesis Technologies से जुड़े रेगुलेटरी कंप्लायंस पर भी काम कर रही है। इन सौदों के पूरा होने के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी बेहद जरूरी है, ताकि कंपनी अपने Ebix Inc. सेटलमेंट और IGL Genesis Technologies इन्वेस्टमेंट पर आगे बढ़ सके।
Vikas Lifecare पॉलिमर्स, स्पेशियलिटी केमिकल्स, FMCG, एग्रो और स्मार्ट गैस मीटर जैसे कई सेक्टर्स में कारोबार करती है। कंपनी ने पहले Ebix Inc. के अधिग्रहण के लिए USD 34.8 मिलियन की प्रतिबद्धता जताई थी और उसे जुलाई 2025 में इस इन्वेस्टमेंट से जुड़ा आर्बिट्रेशन अवार्ड भी मिला था। वहीं, Indraprastha Gas Ltd. के साथ मिलकर स्मार्ट गैस मीटर बनाने के लिए IGL Genesis Technologies नाम से एक जॉइंट वेंचर भी स्थापित किया है, हालांकि इसमें इन्वेस्टमेंट ट्रांसफर को अभी अप्रूवल का इंतजार है।
शेयरहोल्डर्स को कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी। कंपनी को ₹22.99 करोड़ की इनकम टैक्स डिमांड का सामना करना पड़ रहा है, जिसके खिलाफ वह अपील करने की योजना बना रही है। IGL Genesis Technologies में इन्वेस्टमेंट ट्रांसफर के लिए Indraprastha Gas Limited और IGTL बोर्ड की मंजूरी अभी बाकी है। इसके अलावा, 2026 की पहली छमाही में हुए मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स के लिए भी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी अभी लंबित है।
वित्तीय मोर्चे पर, 30 सितंबर, 2025 तक, कंपनी के कंसॉलिडेटेड टोटल एसेट्स ₹73,128.45 मिलियन और कंसॉलिडेटेड टोटल इक्विटी ₹55,396.12 मिलियन दर्ज की गई थी।
आगे चलकर, निवेशक पोस्टल बैलेट के जरिए होने वाली शेयरहोल्डर मंजूरी की प्रक्रिया के नतीजों पर नजर रखेंगे। IGL Genesis Technologies लिमिटेड में इन्वेस्टमेंट से जुड़े पेंडिंग अप्रूवल और Ebix Inc. सेटलमेंट से जुड़े टैक्स की अंतिम स्थिति भी अहम रहेगी।
