MD की नियुक्ति पक्की, पर गवर्नेंस पर चिंता
कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शेयरधारकों ने राकेशकुमार रमेशभाई पटेल को मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) बनाने और उनके वेतन पैकेज को पोस्टल बैलेट के ज़रिए अपनी सहमति दी है। यह प्रस्ताव योग्य वोटरों का बड़ा समर्थन हासिल करने में कामयाब रहा।
पोस्टल बैलेट के लिए नोटिस 25 फरवरी 2026 को जारी किया गया था और ई-वोटिंग 27 मार्च 2026 को समाप्त हुई। रिकॉर्ड डेट के अनुसार, 1419 शेयरधारकों में से मिस्टर पटेल की नियुक्ति के पक्ष में 14,13,000 वोट डाले गए, जबकि केवल 1,200 वोट इसके विरोध में पड़े।
वोट एक्सक्लूजन से उठे सवाल
लेकिन, इस वोटिंग प्रक्रिया के दौरान एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस मुद्दा सामने आया। नियुक्ति से जुड़े निदेशक और उनके रिश्तेदारों के वोट, जिनका हित सीधे इस प्रस्ताव से जुड़ा था, उन्हें अंतिम गिनती से बाहर रखा गया। इन बहिष्कृत किए गए वोटों की संख्या 55,68,800 शेयर्स थी, जो कंपनी की पेड-अप कैपिटल (paid-up capital) का 66.42% है। पोस्टल बैलेट में डाले गए कुल वोटों की संख्या 57,11,300 थी।
यह बड़ा वोट एक्सक्लूजन (vote exclusion) पारदर्शिता और कंपनी के गवर्नेंस प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भले ही नियुक्ति को योग्य शेयरधारकों का समर्थन मिला हो, लेकिन वोट की इतनी बड़ी संख्या का बाहर किया जाना जांच का विषय है।
नेतृत्व और कंपनी की पृष्ठभूमि
मिस्टर पटेल की MD के तौर पर आधिकारिक नियुक्ति Vandan Foods के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कंपनी के नेतृत्व और रणनीतिक दिशा में नए दौर का संकेत देता है। उनकी MD पद पर नियुक्ति 12 फरवरी 2026 से प्रभावी है, और उनका सालाना रेमुनरेशन अधिकतम ₹1,20,00,000 तय किया गया है। इससे पहले, उन्होंने 11 फरवरी 2026 को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरमैन का पद छोड़ा था। मिस्टर पटेल की कंपनी में सीधी हिस्सेदारी 11.54% है।
इससे पहले, मिस्टर जितेंद्र रमेशभाई पटेल ने 11 फरवरी 2026 को चेयरमैन का पद छोड़ा था और वह नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने हुए हैं। Vandan Foods, जिसकी स्थापना 2015 में हुई थी और 2023 में पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी, मुख्य रूप से अरंडी के तेल (castor oil) और उसके डेरिवेटिव्स (derivatives) का निर्माण करती है। कंपनी ने हाल ही में मजबूत वित्तीय वृद्धि दर्ज की थी, जिसमें मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (financial year) में ₹108.20 करोड़ का रेवेन्यू (revenue) और ₹6.91 करोड़ का टैक्स के बाद का मुनाफा (profit after tax) शामिल है।
हालांकि, कंपनी अपने प्रमोटर्स से जुड़े मौजूदा कानूनी मामलों और Pharmearth Private Limited के लिए वर्किंग कैपिटल फैसिलिटी (working capital facility) के लिए दिए गए कॉर्पोरेट गारंटी (corporate guarantee) के कारण संभावित वित्तीय दायित्वों का सामना कर रही है।
आगे क्या?
- नेतृत्व: मिस्टर राकेशकुमार पटेल के नए MD बनने से कंपनी को एक स्पष्ट नेतृत्व मिला है।
- गवर्नेंस: वोटों के बहिष्करण पर कंपनी से और स्पष्टीकरण की उम्मीद है।
- जोखिम: कंपनी के प्रमोटर्स से जुड़े कानूनी मामले और कॉर्पोरेट गारंटी भविष्य में चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।
