रेवेन्यू बढ़कर भी मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
TACFL के FY26 के नतीजों के अनुसार, कंपनी का टोटल रेवेन्यू पिछले साल के ₹309.49 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹337.77 करोड़ हो गया है। लेकिन, 'प्रॉफिट बिफोर टैक्स' (PBT) में आई कमी के कारण नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की गई है। FY26 के लिए PBT ₹52.72 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर FY25 के ₹79.59 करोड़ से काफी कम है। इसी वजह से नेट प्रॉफिट ₹62.19 करोड़ से गिरकर ₹36.61 करोड़ पर पहुंच गया।
नए डायरेक्टर की नियुक्ति और 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस
कंपनी ने 8 जुलाई 2026 से मिस्टर ई. राजेशकुमार को 'व्होल-टाइम डायरेक्टर' (Whole-time Director) के पद पर नियुक्त करने की घोषणा की है। मिस्टर राजेशकुमार के पास केमिकल इंडस्ट्री में 30 साल का अनुभव है, और उनकी नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी। TACFL ने यह भी साफ किया है कि वह 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) की श्रेणी में नहीं आती है, जिससे कुछ SEBI रेगुलेशंस का पालन करने में आसानी होगी।
इंश्योरेंस क्लेम और आगे की राह
कंपनी दिसंबर 2023 में आई बाढ़ से हुए इन्वेंटरी लॉस के लिए अपने इंश्योरेंस क्लेम पर काम कर रही है। कंपनी ने ₹15.20 करोड़ का क्लेम फाइल किया था, जिसमें से ₹9.00 करोड़ मई 2026 तक मिल चुके हैं।
निवेशकों को अब मिस्टर राजेशकुमार की नियुक्ति पर होने वाली वोटिंग, इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट के अपडेट्स और कंपनी द्वारा प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने तथा लागत प्रबंधन की रणनीतियों पर नजर रखनी चाहिए।
TACFL, केमिकल और फर्टिलाइजर सेक्टर में GHCL Ltd, Tata Chemicals Ltd और Rashtriya Chemicals & Fertilizers Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।