कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹11 प्रति ऑर्डिनरी शेयर का डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। यह रकम कंपनी की फेस वैल्यू का 110% है। इस प्रस्ताव को कंपनी की 87वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी मिलनी बाकी है, जो 26 जून, 2026 को होनी तय है।
शेयरधारकों को डिविडेंड पेमेंट पर सही टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) रेट लागू हो, इसके लिए उन्हें जरूरी टैक्स फॉर्म्स और डॉक्यूमेंट्स 8 जून, 2026 तक जमा करने होंगे। इनकम-टैक्स एक्ट के नियमों का पालन करने के लिए यह डेडलाइन बहुत अहम है।
जो शेयरधारक 8 जून की डेडलाइन तक अपने जरूरी टैक्स डॉक्यूमेंट्स जमा नहीं कर पाएंगे, उन्हें डिविडेंड पर TDS की ऊंची दरें लागू हो सकती हैं। हालांकि, ज्यादा कटे हुए टैक्स को बाद में टैक्स रिफंड के जरिए वापस पाया जा सकता है, लेकिन इससे शेयरधारक के कैश फ्लो पर अस्थायी असर पड़ सकता है।
यह डिविडेंड की सिफारिश Tata Chemicals की अपने शेयरधारकों को रिवॉर्ड देने की पुरानी परंपरा को जारी रखती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY 2023-24 के लिए, कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया था।
केमिकल सेक्टर में, UPL Ltd और Rallis India Ltd जैसी दूसरी कंपनियों की तरह, Tata Chemicals भी आमतौर पर डिविडेंड पेआउट पॉलिसी बनाए रखती है, जिस पर स्टैंडर्ड टैक्स प्रोसीजर लागू होते हैं।
शेयरधारकों को सलाह दी जाती है कि वे 8 जून, 2026 की अंतिम तिथि से पहले जरूरी टैक्स डॉक्यूमेंटेशन इकट्ठा करने और जमा करने पर ध्यान दें। डिविडेंड की आधिकारिक घोषणा और वितरण आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही कन्फर्म होगा।