बोर्ड में बड़ा फेरबदल, लीडरशिप को मिलेगी मजबूती
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 06 मई, 2026 को हुई एक मीटिंग में इन अहम पदों को मंजूरी दी है। डॉ. रविचंद्रन की नियुक्ति 06 मई, 2026 से 05 मई, 2028 तक प्रभावी रहेगी। वहीं, डॉ. सिंह एक नॉन-एग्जीक्यूटिव, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में 06 मई, 2026 से 05 मई, 2031 तक अपनी सेवाएं देंगे।
माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से कंपनी की लीडरशिप टीम और मजबूत होगी, साथ ही कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मानकों में भी सुधार आएगा। एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का जुड़ना बोर्ड के कामकाज और निगरानी को बेहतर बनाने के लिए काफी अहम माना जाता है।
TANFAC Industries, जो हाइड्रोफ्लोरिक एसिड और इसके डेरिवेटिव्स बनाती है, पिछले कुछ सालों में अपने बोर्ड में बदलाव देखती आई है। मार्च 2022 में Anupam Rasayan India Limited द्वारा कंपनी में मेजोरिटी स्टेक (majority stake) और जॉइंट कंट्रोल (joint control) लेने के बाद ऐसे बदलाव आम हो गए हैं। ये नई नियुक्तियां कंपनी की नई स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन्स (strategic directions) के साथ तालमेल बिठाने के लिए की गई हैं। इससे पहले, मार्च 2025 में डॉ. आर. के. त्यागी और मिस्टर अमरीक सिंह संधू को भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर पांच साल के लिए नियुक्त किया गया था, और अफजल हारूनभाई मलकानि जनवरी 2026 में मैनेजिंग डायरेक्टर बने थे। डायरेक्टर्स की नियुक्ति आमतौर पर नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिशों के बाद शेयरधारकों की मंजूरी से होती है।
इन नियुक्तियों के फाइनल होने में शेयरधारकों की मंजूरी एक अहम पड़ाव है। अगर शेयरधारक सहमत नहीं होते हैं, तो नियुक्तियों में देरी हो सकती है या वे रद्द भी हो सकती हैं।
केमिकल्स सेक्टर में, जहां TANFAC Industries जैसी कंपनियां SRF Ltd., Deepak Nitrite Ltd., और Navin Fluorine Inter. जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करती हैं, वहीं एक मजबूत बोर्ड और बेहतर गवर्नेंस प्रैक्टिस निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए बेहद जरूरी हैं।
