TACEL के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल
वित्तीय साल 2026 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ) के लिए टुटीकोरिन अल्कली केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (TACEL) ने अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने इस अवधि में ₹3,661.09 लाख (लगभग ₹36.6 करोड़) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वितीय साल के ₹1,740.12 लाख की तुलना में दोगुना से भी ज़्यादा है।
यह शानदार प्रदर्शन कंपनी के रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी का भी नतीजा है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹34,308.57 लाख (लगभग ₹343 करोड़) रहा, जो FY25 के ₹31,571.70 लाख (लगभग ₹315.7 करोड़) से ज़्यादा है।
हालांकि, एक महत्वपूर्ण बात यह है कि टैक्स से पहले का लाभ (Profit Before Tax - PBT) FY26 में घटकर ₹5,272.34 लाख (लगभग ₹52.7 करोड़) रह गया, जबकि FY25 में यह ₹7,958.90 लाख (लगभग ₹79.6 करोड़) था। इसी तरह, टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम (Total Comprehensive Income) भी ₹3,960.53 लाख से घटकर ₹6,203.25 लाख हो गया।
नए डायरेक्टर की नियुक्ति
कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने मिस्टर ई राजेशकुमार (Mr. E Rajeshkumar) को होल-टाइम डायरेक्टर (Whole-Time Director) के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 8 जुलाई 2026 से तीन साल की अवधि के लिए प्रभावी होगी।
कंपनी की रिकवरी और भविष्य की राह
TACEL का इतिहास वित्तीय चुनौतियों से भरा रहा है, जिसमें कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजरना भी शामिल है। कंपनी दिसंबर 2023 में आई बाढ़ से हुए इन्वेंटरी नुकसान के लिए ₹1,519.99 लाख के बीमा दावे (Insurance Claim) की प्रक्रिया भी कर रही है। इसमें से ₹900 लाख की राशि पहले ही मिल चुकी है, जबकि बाकी दावे अभी लंबित हैं।
नेट प्रॉफिट में ज़बरदस्त उछाल को ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार या खर्चों में कमी का संकेत माना जा रहा है। मिस्टर ई राजेशकुमार, जो 30 साल के केमिकल इंजीनियरिंग का अनुभव रखते हैं, कंपनी की भविष्य की रणनीति को मज़बूत कर सकते हैं। हालांकि, PBT और टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम में गिरावट लागत दबाव या फाइनेंसियल चार्जेस का संकेत हो सकती है, जिस पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए।