Supreme Petrochem Ltd. ने अपने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) और चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। FY26 के लिए, कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹5,338 करोड़ (₹53,384 मिलियन) रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹327 करोड़ (₹3,273 मिलियन) दर्ज किया गया। चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹1,587 करोड़ (₹15,870 मिलियन) और नेट प्रॉफिट ₹168 करोड़ (₹1,680 मिलियन) रहा, जिसने पूरे साल के प्रदर्शन में बड़ा योगदान दिया।
कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ अप्रैल 2026 में शुरू हुई 115,000 MTA की एक्सपेंडेबल पॉलीस्टाइनिन (EPS) कैपेसिटी का विस्तार। अब यह नई क्षमता पूरी तरह चालू है। कंपनी की वित्तीय स्थिति भी काफी मजबूत है, मार्च 2026 तक यह डेट-फ्री (debt-free) बनी हुई है और इसके पास ₹701 करोड़ का इन्वेस्टिबल सरप्लस (investible surplus) है।
FY26 के लिए, Supreme Petrochem ने प्रति शेयर ₹10.50 का कुल डिविडेंड (dividend) घोषित किया है। इसमें ₹8.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और ₹2.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड शामिल है।
कंपनी का FY26 का प्रदर्शन मजबूत लाभप्रदता दिखाता है, जो कुशल संचालन और हालिया कैपेसिटी एन्हांसमेंट का नतीजा है। बढ़ी हुई EPS कैपेसिटी पैकेजिंग और निर्माण जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, Xmold Polymers Pvt Ltd के इंटीग्रेशन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है, जिससे कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में इंजीनियरिंग पॉलिमर्स की क्षमता जुड़ेगी और मार्केट में उसकी स्थिति और मजबूत होगी।
Supreme Petrochem Ltd. (SPL) भारतीय पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री का एक प्रमुख खिलाड़ी है, जो भारत का सबसे बड़ा पॉलीस्टाइनिन (PS) और एक्सपेंडेबल पॉलीस्टाइनिन (EPS) उत्पादक और निर्यातक है। कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट महाराष्ट्र और तमिलनाडु में हैं।
निवेशकों को स्टाइरीन मोनोमर (styrene monomer) की कीमतों में संभावित अस्थिरता पर नजर रखनी चाहिए। भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण कीमतों में तेज बढ़त, जैसा कि मार्च 2026 में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास देखने को मिला था, वॉल्यूम ग्रोथ के बावजूद रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकती है। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर असर डाल सकता है।
Supreme Petrochem भारत के PS और EPS मार्केट्स में एक मजबूत स्थिति रखता है। इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में Reliance Industries और Indian Oil Corporation जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों को Xmold Polymers के पूर्ण इंटीग्रेशन, इंजीनियरिंग पॉलिमर्स बिजनेस में इसके योगदान, और स्टाइरीन मोनोमर की कीमतों पर भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, नई EPS कैपेसिटी का प्रदर्शन और हरियाणा प्लांट के विकास से जुड़े भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान्स पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
