लोकल मैन्युफैक्चरिंग का कमाल
Sirca Paints की इस शानदार ग्रोथ का मुख्य श्रेय कंपनी की इटैलियन प्रोडक्ट्स को भारत में ही मैन्युफैक्चर करने की स्ट्रैटेजी को जाता है। अब कंपनी अपने 95% प्रोडक्ट्स की लोकल प्रोडक्शन कर रही है। इस कदम से न केवल कॉस्ट एफिशिएंसी बढ़ी है, बल्कि विदेशी मुद्रा पर निर्भरता भी कम हुई है।
आगे क्या है कंपनी की प्लानिंग?
कंपनी ने अगले फाइनेंशियल ईयर से 25-30% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का लक्ष्य रखा है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में EBITDA मार्जिन 19-21% के बीच बना रहेगा। कंपनी की लॉन्ग-टर्म विजन 2029 तक ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है।
वित्त वर्ष 2026 में, Sirca के मेन बिजनेस से ₹372 करोड़ का रेवेन्यू आया, जिसमें लोकल मैन्युफैक्चरिंग से ₹252 करोड़ और इंपोर्ट से ₹124 करोड़ शामिल थे। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए, Sirca ने FY26 के दौरान 10% की दो प्राइस हाइक (कीमतें बढ़ाईं) लागू कीं।
वर्किंग कैपिटल और रिस्क फैक्टर
मैनेजमेंट ने बताया कि मौजूदा वर्किंग कैपिटल लेवल एशियन पेंट्स जैसे प्लेयर्स के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है, जिसका कारण लोकल प्रोडक्शन फेज के दौरान इंपोर्ट बफर और इन्वेंट्री एडजस्टमेंट है।
निवेशकों की नजर कच्चे माल की कीमतों पर बनी हुई है, खासकर क्रूड ऑयल की कीमतों में उठापटक का सीधा असर पेंट्स के लिए लगने वाले रॉ मैटेरियल पर पड़ता है। सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट, जैसे NC कॉटन जैसे स्पेसिफिक मटीरियल्स की कमी, प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकती है।
पियर से तुलना
एशियन पेंट्स (FY23 रेवेन्यू ~₹34,600 करोड़) और बर्जर पेंट्स (FY23 रेवेन्यू ~₹10,100 करोड़) जैसे बड़े प्लेयर्स की तुलना में Sirca Paints (FY26 रेवेन्यू ~₹492 करोड़) अभी छोटी कंपनी है। लेकिन, 25-30% CAGR का ग्रोथ टारगेट और 20.08% का करंट मार्जिन एक्सपेंशन कंपनी की महत्वाकांक्षा को दिखाता है।