रेवेन्यू बढ़ा, पर लाभ घटा: क्या हैं कारण?
Shree Hari Chemicals Export Ltd ने FY26 में ₹187.64 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल से 32.08% अधिक है। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी रेवेन्यू 23.13% बढ़कर ₹43.28 करोड़ रहा।
लेकिन, इस शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का नेट प्रॉफिट पूरे साल के लिए 19.21% घटकर ₹4.12 करोड़ हो गया। Q4 का नेट प्रॉफिट ₹1.04 करोड़ रहा।
खर्चों का भारी बोझ
इस मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह है कंपनी के कुल कंसोलिडेटेड एक्सपेंस (खर्च) में आई 35.08% की भारी बढ़ोतरी। इसी कारण, रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना रहा।
वित्तीय स्थिति पर भी सवाल
एक और चिंताजनक बात यह है कि कंपनी की बैलेंस शीट में मौजूदा देनदारियां (Current Liabilities) ₹54.02 करोड़ हैं, जो मौजूदा संपत्तियों (Current Assets) ₹51.51 करोड़ से ज्यादा हैं। यह कंपनी की लिक्विडिटी (तरलता) पर सवाल खड़े करता है।
इसके अतिरिक्त, नए लेबर कोड के अनुपालन के लिए कंपनी ने ₹0.32 करोड़ का प्रोविजन (प्रावधान) भी अलग रखा है।
आगे क्या उम्मीदें?
निवेशक अब इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि Shree Hari Chemicals मैनेजमेंट इन बढ़ते खर्चों पर कैसे काबू पाता है और लाभप्रदता (Profitability) को कैसे सुधरता है। कंपनी की वित्तीय सेहत और देनदारियों को मैनेज करने की क्षमता महत्वपूर्ण साबित होगी।