Shervani Industrial Syndicate Limited को असिस्टेंट कमिश्नर, CGST & सेंट्रल एक्साइज, इलाहाबाद से एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2019-20 से लेकर 2022-23 तक की अवधि के लिए ₹1,33,96,340 (यानी करीब ₹1.34 करोड़) का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड ऑर्डर मिला है, जिसमें लागू इंटरेस्ट और पेनाल्टी भी शामिल है।
हालांकि, Shervani Industrial Syndicate ने इस डिमांड ऑर्डर को चुनौती देने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि वे इस फैसले से सहमत नहीं हैं और इसके खिलाफ जल्द ही अपील दायर करेंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस डिमांड ऑर्डर का फिलहाल कंपनी की मौजूदा फाइनेंशियल या ऑपरेशनल एक्टिविटीज पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह मामला निवेशकों की खास नजर में रहेगा, क्योंकि अगर अपील विफल रहती है तो कंपनी पर ₹1.34 करोड़ के इस टैक्स डिमांड के अलावा इंटरेस्ट और पेनाल्टी का भारी बोझ पड़ सकता है। इस लीगल प्रोसेस में समय लगेगा और इसमें लीगल कॉस्ट्स भी आएंगी, जो भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं।
Shervani Industrial Syndicate मुख्य रूप से एग्रोकेमिकल्स, इंडस्ट्रियल केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स के मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग के बिजनेस में शामिल है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स उत्तर प्रदेश में स्थित हैं और ये एग्रीकल्चरल व इंडस्ट्रियल दोनों सेक्टर्स को अपनी सेवाएं देती हैं।
बाजार में Shervani Industrial Syndicate का मुकाबला Rallis India Limited और Dhanuka Agritech Limited जैसी बड़ी कंपनियों से है। उदाहरण के तौर पर, Rallis India ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में ₹1,400 करोड़ से लेकर ₹2,700 करोड़ तक का रेवेन्यू दर्ज किया था, जिससे इस सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
निवेशक अब Shervani Industrial Syndicate की ओर से GST डिमांड ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर करने की औपचारिक प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। वे GST अधिकारियों से किसी भी नए कम्युनिकेशन, कंपनी की लीगल चुनौती में प्रगति और कंपनी के लगातार वित्तीय नतीजों और ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर भी पैनी नजर रखेंगे।
