इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस
SRF Limited को प्राप्त हुए इस नोटिस में ₹101.77 करोड़ का ब्याज भी शामिल है, जो ₹30.54 करोड़ की कथित टैक्सेबल इनकम के आधार पर है। कंपनी इस पूरे मामले को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एक 'तकनीकी गलती' बता रही है।
कंपनी की जवाबी कार्रवाई
इस डिमांड ऑर्डर के जवाब में SRF ने तुरंत टैक्स डिपार्टमेंट में एक रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन (Rectification Application) दायर की है। साथ ही, कंपनी ने इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) में भी अपील दाखिल कर दी है। कंपनी का मैनेजमेंट पूरी तरह से आश्वस्त है कि यह ऑर्डर टिकाऊ नहीं है और टैक्स डिमांड को पूरी तरह से रद्द कर दिया जाएगा। SRF ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस डेवलपमेंट का कंपनी के फाइनेंसियल कामकाज या ऑपरेशंस पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या है इस डिमांड का महत्व?
हालांकि SRF का मैनेजमेंट इस टैक्स डिमांड को 'तकनीकी गलती' बताकर रद्द होने का भरोसा जता रहा है, लेकिन ₹327.44 करोड़ की यह रकम काफी बड़ी है। यदि लीगल प्रोसेस लंबा खिंचता है या फैसला कंपनी के हक में नहीं आता है, तो यह कंपनी की वित्तीय सेहत और निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।
पिछले टैक्स विवाद
यह पहली बार नहीं है जब SRF का टैक्स और कस्टम अथॉरिटीज के साथ कोई विवाद हुआ हो। इससे पहले भी कंपनी कई टैक्स डिमांड्स से निपटी है। दिसंबर 2025 में, ITAT ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कार्बन एमिशन रिडक्शन सर्टिफिकेट्स और TUF सब्सिडी रिसिप्ट्स से जुड़े लगभग ₹99 करोड़ के पुराने टैक्स डिमांड्स को रद्द कर दिया था। इसके अलावा, SRF ने हाल ही में ₹15.76 करोड़ के CGST डिमांड, ₹38.49 करोड़ के कस्टम ड्यूटी डिमांड और ₹4.20 करोड़ के एंटी-डंपिंग ड्यूटी ऑर्डर जैसे मामलों का भी सामना किया है, जिनका कंपनी ने हमेशा कानूनी तौर पर खंडन किया है।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स अब SRF की रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन और ITAT में चल रही अपील के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी के मौजूदा आश्वासन के चलते, शॉर्ट टर्म में बिजनेस ऑपरेशंस और एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ने की संभावना कम है। SRF का मैनेजमेंट इस टैक्स डिमांड को खारिज कराने के लिए काम करता रहेगा।
संभावित जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम यह है कि अगर ITAT का फैसला SRF के पक्ष में नहीं आता है, तो कंपनी को इस बड़ी रकम का भुगतान करना पड़ सकता है।
इंडस्ट्री के अन्य खिलाडी
SRF स्पेशियलिटी केमिकल्स और पैकेजिंग फिल्म्स जैसे कॉम्पिटिटिव सेक्टर्स में काम करती है। केमिकल्स सेक्टर में इसके मुख्य प्रतिस्पर्धियों में Aarti Industries और Navin Fluorine International शामिल हैं, जबकि पैकेजिंग फिल्म्स में Uflex Ltd. प्रमुख है। स्पेशियलिटी केमिकल्स इंडस्ट्री में, खासकर चीनी मैन्युफैक्चरर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।