SEBI ने 20 अप्रैल, 2026 को Dharani Sugars and Chemicals Limited की सेटलमेंट एप्लीकेशन को ठुकरा दिया। रेगुलेटर का कहना है कि कंपनी समय सीमा तक अपनी Revised Settlement Terms (RST) जमा करने में नाकाम रही। इस फैसले के बाद, 27 अप्रैल, 2026 को Dharani Sugars ने SEBI से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की गुजारिश की है। कंपनी देर से फाइलिंग के लिए माफी मांग रही है और जरूरी शर्तें जमा करने के लिए और समय चाहती है। ओरिजिनल सेटलमेंट एप्लीकेशन 20 अगस्त, 2025 को सबमिट की गई थी, और इस पर एक इंटरनल कमेटी की मीटिंग 26 फरवरी, 2026 को हुई थी।
यह रिजेक्शन Dharani Sugars के लिए एक बड़ा झटका है, जो SEBI के साथ एक रेग्युलेटरी इश्यू को सुलझाने की कोशिश कर रही है। कंपनी के अगले कदम और किसी भी तरह की एनफोर्समेंट एक्शन (Enforcement Action) की संभावना अब SEBI के इस अपील पर फैसले पर निर्भर करेगी।
Dharani Sugars & Chemicals Ltd पिछले कुछ समय से गंभीर फाइनेंशियल और लीगल चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी मई 2024 में कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बाहर आई थी। यह CIRP जुलाई 2021 में शुरू हुआ था, जिसका कारण 2016-19 के दौरान खराब बारिश और लोन डिफॉल्ट्स की वजह से हुए भारी नुकसान थे।
इसके अलावा, 31 मार्च, 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, Dharani Sugars ने लोन और इंटरेस्ट पेमेंट्स पर डिफॉल्ट किया है, और कुल कर्ज ₹3,353.7 मिलियन तक पहुँच गया है। इतना ही नहीं, Dharani Sugars को फरवरी 2026 में NARCL से मास्टर रीस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट (Master Restructuring Agreement) का पालन न करने के लिए एक लीगल नोटिस भी मिला था। भारतीय शुगर इंडस्ट्री एक कड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत काम करती है, जो सभी कंपनियों पर महत्वपूर्ण कंप्लायंस की मांग करता है।
SEBI के पुनर्विचार के अनुरोध पर निर्णय आने तक कंपनी के भविष्य की राह रेग्युलेटरी कंप्लायंस के मामले में अनिश्चित बनी हुई है। शेयरहोल्डर्स इस SEBI मामले के समाधान को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। अगर पुनर्विचार का अनुरोध ठुकरा दिया जाता है, तो SEBI Dharani Sugars के खिलाफ एनफोर्समेंट एक्शन शुरू कर सकता है। मुख्य रिस्क यही है कि SEBI Dharani Sugars के पुनर्विचार के अनुरोध को अस्वीकार कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो सेटलमेंट एप्लीकेशन संभवतः खारिज ही रहेगी, जिससे SEBI के लिए एनफोर्समेंट प्रोसीडिंग्स शुरू करने का रास्ता खुल जाएगा।
इसी सेक्टर की अन्य बड़ी शुगर कंपनियां, जैसे Balrampur Chini Mills Ltd और Shree Renuka Sugars Ltd, इसी तरह के इंटीग्रेटेड ऑपरेशन चलाती हैं। EID Parry (India) Ltd भी इस सेक्टर का एक डाइवर्सिफाइड प्लेयर है। Dharani Sugars की तरह, इन कंपनियों को भी इंडस्ट्री के बदलते रेगुलेटरी माहौल के अनुसार लगातार ढलना पड़ता है।
क्या ध्यान रखें:
- SEBI का Dharani Sugars की सेटलमेंट रिजेक्शन पर पुनर्विचार की अपील पर फैसला।
- SEBI की ओर से ओरिजिनल इश्यू के संबंध में कोई और स्टेटमेंट या एक्शन, जिसने सेटलमेंट पिटीशन को प्रेरित किया था।
- Dharani Sugars की वर्तमान फाइनेंशियल कमिटमेंट्स को मैनेज करने और NARCL से लीगल नोटिस को सुलझाने की दिशा में प्रगति।
