S H Kelkar and Company Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का फुल-ईयर रेवेन्यू 11.5% बढ़कर ₹2,368.26 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, साल भर का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹73.24 करोड़ के मुकाबले लगभग स्थिर रहकर ₹73.01 करोड़ पर ही टिका रहा।
वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी का PAT 98.2% लुढ़ककर सिर्फ ₹1.80 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹102.51 करोड़ था। यह भारी गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल की चौथी तिमाही में मिले बड़े वन-टाइम गेन (one-time gain) के कारण आई है, जिसने उस अवधि के आंकड़ों को असामान्य रूप से बढ़ा दिया था।
इन नतीजों के बीच, कंपनी ने एक अहम बदलाव करते हुए BSR & Co. LLP को अगले पांच सालों के लिए अपना नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। यह फर्म Deloitte Haskins & Sells LLP की जगह लेगी। कंपनी को नतीजों पर अनमॉडिफाइड ऑडिट ओपिनियन (unmodified audit opinion) मिला है, जो किसी बड़ी अकाउंटिंग समस्या की ओर इशारा नहीं करता।
रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद सालाना मुनाफे का स्थिर रहना, कंपनी पर कॉस्ट प्रेशर (cost pressure) या ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) में सुधार की जरूरत की ओर संकेत कर सकता है। Q4 में PAT की भारी गिरावट, भले ही पिछले साल के हाई बेस के चलते हो, निवेशकों को कंपनी की मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी को बारीकी से समझने पर मजबूर करेगी। नए ऑडिटर की नियुक्ति से भविष्य में वित्तीय रिपोर्टिंग पर एक नई नजरिया देखने को मिल सकता है।
S H Kelkar भारत की जानी-मानी फ्रैग्रेंस (fragrance) और फ्लेवर (flavour) इंडस्ट्री की एक अहम कंपनी है, जो कई बड़ी FMCG कंपनियों को अपनी सेवाएं देती है।
शेयरहोल्डर्स अब मैनेजमेंट से Q4 PAT की तुलना को लेकर स्पष्टीकरण की उम्मीद कर रहे होंगे। साथ ही, 70वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में नए ऑडिटर की नियुक्ति पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी, जो 31 जुलाई, 2026 को होनी है।