Dahej प्लांट में लगी क्षमता की 'बैटरी'
Unitop Chemicals ने अपने Dahej स्थित प्लांट में 30,000 MTPA एथोक्सिलेशन क्षमता विस्तार का काम पूरा कर लिया है। इस विस्तार का अंतिम चरण 31 मार्च, 2026 से प्रभावी हुआ है, जिससे Unitop की कुल एथोक्सिलेशन क्षमता 66,000 MTPA तक पहुंच गई है। यह कदम कंपनी की स्पेशलिटी केमिकल्स के उत्पादन को काफी मजबूत करेगा।
क्यों किया यह विस्तार?
इस विस्तार का मुख्य मकसद एग्रोकेमिकल्स (agrochemicals), होम एंड पर्सनल केयर (home & personal care), और ऑयल एंड गैस (oil & gas) जैसे प्रमुख सेक्टर्स में एथोक्सिलेटेड प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को पूरा करना है। अपनी बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता से Unitop भविष्य में मार्केट में अपनी पैठ मजबूत कर सकेगी।
यह विस्तार पिछले साल सितंबर 2025 में 15,000 MTPA के पहले चरण के चालू होने के बाद हुआ है, जिसने तब क्षमता को 51,000 MTPA तक पहुंचाया था। कंपनी ने भविष्य के विस्तार के लिए पास की जमीन भी सुरक्षित कर ली है।
निवेशकों के लिए चिंता की बात?
हालांकि, यह क्षमता विस्तार ऐसे समय में आया है जब Rossari Biotech के शेयर रिकॉर्ड निचले स्तर पर हैं। कंपनी के हालिया Q3 FY26 के नतीजे भी मिले-जुले रहे हैं, जिसमें क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर आधार पर रेवेन्यू, ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट में गिरावट देखी गई है। निवेशकों की नजर कंपनी के फ्री कैश फ्लो (free cash flow) पर भी है, जो सितंबर 2025 तक समाप्त हुए साल में सांविधिक लाभ (statutory profit) से कम रहा। इसके अलावा, इंटरेस्ट कवरेज (interest coverage) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) जैसे महत्वपूर्ण मेट्रिक्स में भी गिरावट आई है।
कौन हैं बड़े खिलाड़ी?
स्पेशलिटी केमिकल्स सेक्टर में Unitop का मुकाबला Galaxy Surfactants, Aarti Industries और Godrej Industries जैसे बड़े खिलाड़ियों से है। भारतीय स्पेशलिटी केमिकल्स मार्केट में 10-12% CAGR की दर से बढ़ोतरी का अनुमान है और यह 2025 तक $40 बिलियन तक पहुंच सकता है।
अब निवेशकों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि Unitop नई क्षमता का कितना इस्तेमाल कर पाती है और क्या यह कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और लाभप्रदता (profitability) को बेहतर बनाने में मददगार साबित होता है।