FY26 नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, लेकिन प्रॉफिट का आधार कमजोर
Rossari Biotech ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 16% की बढ़ोतरी के साथ ₹2,418.74 करोड़ पर पहुँच गया। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹149.21 करोड़ दर्ज किया गया। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी रेवेन्यू में 21.08% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई और यह ₹703.93 करोड़ रहा, जबकि इस क्वार्टर का नेट प्रॉफिट ₹45.97 करोड़ रहा। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को 25% (₹0.50 प्रति शेयर) का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।
प्रॉफिट बूस्ट का राज़: ऑफिस की बिक्री
हालांकि, पूरे साल के प्रॉफिट में 9.41% की जो बढ़ोतरी दिखी है, वह पूरी तरह से एक एकमुश्त फायदे से आई है। कंपनी ने अपने कंजनमार्ग (Kanjurmarg) स्थित ऑफिस को बेचकर ₹19.27 करोड़ (₹192.67 मिलियन) का भारी लाभ कमाया है। इस असाधारण आय (Exceptional Item) के बिना, कंपनी की असल प्रॉफिटेबिलिटी में गिरावट देखने को मिलती।
कर्ज़ का बोझ बढ़ा, विस्तार योजनाओं पर ब्रेक
वित्तीय सेहत पर एक और चिंताजनक पहलू यह है कि Rossari Biotech का कंसोलिडेटेड उधार 250% से ज़्यादा छलांग लगा गया है। FY25 में जहाँ कंपनी पर ₹87.94 करोड़ (₹879.41 मिलियन) का कर्ज़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹313.66 करोड़ (₹3,136.60 मिलियन) हो गया है। इस बढ़ते कर्ज के बोझ के साथ-साथ, कंपनी ने अपनी एक बड़ी कैपेसिटी एक्सपेंशन (Capacity Expansion) प्रोजेक्ट को भी फिलहाल टाल दिया है। इस प्रोजेक्ट को अब दो साल की फेज़्ड इम्प्लीमेंटेशन स्ट्रेटेजी (Phased Implementation Strategy) के तहत लागू किया जाएगा, जिससे भविष्य में ग्रोथ की गति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
आगे क्या? निवेश की राह
स्पेशलिटी केमिकल्स सेक्टर में सक्रिय Rossari Biotech, होम एंड पर्सनल केयर, परफॉरमेंस केमिकल्स और एनिमल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन जैसे प्रमुख बाजारों में अपनी सेवाएं देती है। कंपनी की ग्रोथ की राह में यूनिटोप केमिकल्स (Unitop Chemicals) जैसे अधिग्रहण भी शामिल रहे हैं। इस प्रतिस्पर्धी सेक्टर में Aarti Industries, Vinati Organics, Clean Science and Technology और Alkyl Amines जैसी अन्य कंपनियां भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।
निवेशकों की निगाहें अब कई अहम मोर्चों पर टिकी होंगी। कंपनी पर बढ़ा हुआ कंसोलिडेटेड डेट (Consolidated Debt) और उस पर लगने वाला ब्याज खर्च, आने वाले नतीजों को प्रभावित कर सकता है। भविष्य में, बिना किसी एसेट सेल (Asset Sale) गेन के, टिकाऊ ऑर्गेनिक प्रॉफिट ग्रोथ (Sustainable Organic Profit Growth) हासिल करने की क्षमता ही कंपनी की असली परीक्षा होगी। इसके अलावा, स्थगित कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की प्रगति और बैलेंस शीट को डी-लीवरेज (De-leverage) करने की मैनेजमेंट की रणनीति पर भी बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
