₹3,300 करोड़ की यह नई फंडिग् बोर्ड की मीटिंग में 26 मार्च 2026 को मंजूर की गई है। यह पहले मंजूर की गई ₹2,500 करोड़ की लिमिट से काफी ज़्यादा है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने निवेश, लोन और गारंटी के लिए करेगी। इसके अलावा, अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, Venwind Refex Power Limited, के साथ ₹2,010 करोड़ की एक अहम रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (Related Party Transaction) को भी बोर्ड की हरी झंडी मिल गई है।
अब सबसे अहम बात यह है कि इन दोनों बड़े फैसलों के लिए शेयरधारकों (Shareholders) की मंजूरी जरूरी होगी, क्योंकि ये तय सीमा से ऊपर हैं। कंपनी इसके लिए पोस्टल बैलट (Postal Ballot) प्रक्रिया अपनाएगी। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक शेयरहोल्डर्स अपना वोट डाल सकेंगे।
इस बड़े फंड अप्रूवल से साफ है कि Refex Industries अपने ऑपरेशंस और सब्सिडियरीज़ को मजबूत करने के लिए बड़ा पूंजीगत खर्च (Capital Spending) करने की तैयारी में है। Venwind Refex Power Limited के साथ यह डील कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) सेगमेंट में बड़ी गतिविधियों का संकेत दे रही है, जिसके लिए पारदर्शिता और सुशासन (Corporate Governance) के मानकों का पालन करना होगा।
कंपनी ने रिस्क मैनेजमेंट कमेटी (Risk Management Committee) में भी फेरबदल की घोषणा की है, जो बिजनेस से जुड़े जोखिमों को पहचानने और कम करने पर ज़ोर देगा।
Refex Industries कई सेक्टर्स में काम करती है, जिसमें रेफ्रिजरेंट्स, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए बैटरी मैटेरियल्स और रिन्यूएबल एनर्जी जनरेशन शामिल हैं। Venwind Refex Power Limited, कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी पहलों को आगे बढ़ाने वाली एक प्रमुख सब्सिडियरी है।
इंडस्ट्री में इसके साथियों में SRF Ltd (स्पेशलिटी केमिकल्स, रेफ्रिजरेंट्स), Exide Industries (EV बैटरीज) और Sterling and Wilson Renewable Energy (सोलर EPC) जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो पूंजी-गहन विकास रणनीतियों (Capital-Intensive Growth Strategies) पर काम करती हैं।
अब सभी की नज़र शेयरधारकों के वोटिंग नतीजों पर होगी, जो 30 अप्रैल 2026 तक आएंगे। इसके बाद यह देखना होगा कि कंपनी इस ₹3,300 करोड़ की फंडिग् का इस्तेमाल कैसे करती है और ₹2,010 करोड़ की सब्सिडियरी डील का क्या नतीजा निकलता है।
