Rathi Graphic Technologies Limited ने अपने सभी तयशुदा कर्मचारियों (designated employees) और डायरेक्टर्स को सूचित कर दिया है कि कंपनी की 'ट्रेडिंग विंडो' 1 अप्रैल, 2026 से बंद कर दी गई है। यह कदम SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत उठाया गया है।
ट्रेडिंग विंडो बंद रखना एक आम प्रक्रिया है जिसका मकसद इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना है। यह सुनिश्चित करता है कि जिन लोगों के पास कंपनी की अंदरूनी, गैर-सार्वजनिक जानकारी (non-public information) है, वे नतीजों की घोषणा से पहले कंपनी के शेयरों में खरीद-बिक्री न कर सकें। इस क्लोजर के साथ ही यह संकेत मिलता है कि कंपनी का 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जल्द ही घोषित किए जाएंगे।
Rathi Graphic Technologies Limited, जो 1991 में स्थापित हुई थी, फोटोकॉपियर और लेजर प्रिंटर मशीनों के लिए टोनर और डेवलपर बनाती है। कंपनी ने हाल के वर्षों में काफी बड़े पुनर्गठन (restructuring) का सामना किया है। यह फरवरी 2020 में कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में चली गई थी। इसके बाद, जुलाई 2023 में Nikunj Udyog, जो Surbhika Steels Private Limited का हिस्सा है, के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी का मैनेजमेंट और संचालन उनके हाथों में आ गया। CIRP के दौरान, कंपनी नॉन-ऑपरेशनल (non-operational) थी और एक मॉनिटरिंग कमेटी इसकी देखरेख कर रही थी। कंपनी को वापस पटरी पर लाने की प्रक्रिया के तहत फरवरी 2025 में नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति की गई थी। कंपनी पहले भी अनुपालन (compliance) संबंधी मुद्दों के कारण ट्रेडिंग सस्पेंशन का सामना कर चुकी है। अगस्त 2025 तक, कंपनी के संचालन को अभी भी फिर से शुरू किया जा रहा था और हाल के वित्तीय नतीजे अभी प्रकाशित नहीं हुए थे।
इस घोषणा के बाद, जिन डायरेक्टर्स और कर्मचारियों पर यह ट्रेडिंग विंडो बंद लागू होती है, वे Rathi Graphic Technologies के शेयरों में कोई भी खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। इस कदम का उद्देश्य नतीजों के सार्वजनिक होने पर सभी निवेशकों के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। उम्मीद है कि कंपनी Q4 FY26 और पूरे FY26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा करेगी। नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी।
कंपनी के हालिया इतिहास, जिसमें CIRP और चल रही ऑपरेशनल रिकवरी शामिल है, को देखते हुए निवेशक आने वाले वित्तीय नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। वे कंपनी की निरंतर रिकवरी और लाभप्रदता (profitability) के संकेतों की तलाश करेंगे। किसी भी अप्रत्याशित खुलासे या संचालन संबंधी समस्याओं से जोखिम पैदा हो सकता है।
12 अगस्त, 2025 तक, जून 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए गए थे। ऑपरेशनल रिकवरी की स्थिति के कारण मार्च 2025 और जून 2024 तक की अवधियों के नतीजे उस तारीख तक उपलब्ध नहीं थे। इसलिए, FY26 के नतीजे कंपनी की वित्तीय सेहत का एक महत्वपूर्ण पैमाना होंगे।
