सोलर पावर प्लांट से लागत घटाने की तैयारी
Primo Chemicals Limited ने अपनी ऊर्जा लागत को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने TPCS Private Limited नाम से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के गठन को हरी झंडी दे दी है। यह SPV 50 मेगावाट (MW) क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट की मालिक होगी और उसका संचालन करेगी।
निवेश और बचत का गणित
इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए Primo Chemicals ₹21 करोड़ का निवेश करके SPV में 26% की इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करेगी। यह प्लांट ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर (OPEX) मॉडल के तहत डेवलप किया जाएगा। उम्मीद है कि जब यह प्लांट पूरी तरह से चालू (commissioning) हो जाएगा, तो कंपनी को बिजली के बिल में सालाना ₹24 करोड़ तक की बचत होगी। यह कंपनी की हालिया तिमाही के ₹140.14 करोड़ के रेवेन्यू को देखते हुए एक बड़ी बचत मानी जा रही है।
क्यों यह कदम अहम है?
इस नए सोलर पावर प्लांट में निवेश, Primo Chemicals के लिए बिजली की भारी लागत को घटाने का एक सीधा तरीका है। रिन्यूएबल एनर्जी से खुद बिजली बनाकर, कंपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना चाहती है और बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचना चाहती है। यह कदम कंपनी के ESG (एनवायर्नमेंटल, सोशल और गवर्नेंस) लक्ष्यों के साथ भी मेल खाता है।
कंपनी की पावर स्ट्रेटेजी
पहले Punjab Alkalies & Chemicals Ltd. के नाम से जानी जाने वाली Primo Chemicals, पहले भी ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर जोर देती रही है। कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को बेहतर बनाने के लिए पहले 35 MW का कैप्टिव पावर प्लांट भी चालू किया था। यह नया सोलर वेंचर कैप्टिव पावर जनरेशन के इस्तेमाल में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
आगे क्या उम्मीद करें?
- ऑपरेटिंग कॉस्ट में कमी: शेयरहोल्डर्स को कंपनी के एनर्जी एक्सपेंडिचर में कमी की उम्मीद कर सकते हैं, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ सकती है।
- ऊर्जा स्वतंत्रता: कंपनी को अपनी पावर सप्लाई पर ज़्यादा कंट्रोल मिलेगा।
- सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा: Primo Chemicals रिन्यूएबल एनर्जी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।
वित्तीय स्थिति पर नज़र
31 मार्च 2025 तक, Primo Chemicals ने फाइनेंशियल ईयर (FY24–FY25) में ₹576 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जिसमें 1-साल की रेवेन्यू ग्रोथ रेट 38% रही। कंपनी ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY26) में -₹0.34 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
आगे क्या ट्रैक करें?
- SPV के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) का एक्जीक्यूशन।
- शेयरहोल्डर एग्रीमेंट्स को फाइनल करना।
- 50 MW सोलर प्लांट की कमीशनिंग की टाइमलाइन।
- प्रोजेक्ट के बाद वास्तविक लागत बचत की निगरानी।
- पंजाब के इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत सभी ज़रूरी रेगुलेटरी अप्रूवल।
