GST का बड़ा नोटिस
गुजरात के अधिकारियों ने Parmeshwar Metal Limited को एक GST डिमांड ऑर्डर जारी किया है। कंपनी को ₹1.59 करोड़ का टैक्स डिमांड मिला है। इसके अलावा, ₹6.07 करोड़ का ब्याज और पेनाल्टी भी लगाई गई है, जिससे कुल मांग ₹7.66 करोड़ हो गई है। यह मांग इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर है, जिसे कंपनी ने ऐसे सप्लायर्स से क्लेम किया था जो अब 'गैर-मौजूद' बताए जा रहे हैं।
कंपनी का पक्ष
हालांकि, Parmeshwar Metal इस डिमांड को पूरी तरह से खारिज कर रही है। कंपनी का कहना है कि ये आरोप 'बेबुनियाद' (without merit) हैं। उन्होंने इस ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर करने का फैसला किया है। कंपनी को उम्मीद है कि इस मामले का उसके फाइनेंस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
पिछली टैक्स मुश्किलें
यह पहली बार नहीं है जब Parmeshwar Metal को GST से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। दिसंबर 2025 में भी कंपनी को ₹3.95 करोड़ के दो GST ऑर्डर मिले थे, जो ITC के गलत इस्तेमाल से जुड़े थे। इससे भी हाल ही में, 26 मार्च 2026 को, कंपनी ने ₹10.87 करोड़ (जिसमें ₹3.43 करोड़ टैक्स और ₹7.44 करोड़ ब्याज/पेनाल्टी शामिल है) की एक अलग GST डिमांड का खुलासा किया था, यह भी कथित तौर पर 'गैर-मौजूद सप्लायर्स' से ITC क्लेम करने के कारण थी।
कंपनी का बिजनेस
Parmeshwar Metal, कॉपर वायर और रॉड बनाने वाली ISO 9001:2015 सर्टिफाइड कंपनी है। यह पावर केबल और ऑटोमोटिव जैसे सेक्टर्स के लिए रीसाइकल्ड स्क्रैप का इस्तेमाल करती है।
संभावित जोखिम
अगर कंपनी की अपील सफल नहीं होती है और ₹7.66 करोड़ की मांग बरकरार रहती है, तो शेयरहोल्डर्स को वित्तीय जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। ITC से जुड़ी बार-बार आ रही ये डिमांड्स, खासकर 'गैर-मौजूद सप्लायर्स' का जिक्र, सप्लायर वेरिफिकेशन या डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रियाओं में कुछ कमजोरियों की ओर इशारा करती हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है।
प्रतिस्पर्धी और मार्केट पोजिशन
Parmeshwar Metal, कॉपर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में Madhav Copper Ltd, Rajputana Industries Ltd, और Cubex Tubings Ltd शामिल हैं। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹182-213 करोड़ के बीच अनुमानित है, जो इसके साथियों के मीडियन मार्केट कैप ₹247 करोड़ से थोड़ा कम है।
आगे क्या?
निवेशक और स्टेकहोल्डर्स अब Parmeshwar Metal की अपीलेट अथॉरिटी के साथ अपील की प्रगति पर नजर रखेंगे। GST अधिकारियों से कोई अपडेट, अपील की संभावनाओं पर मैनेजमेंट की टिप्पणी, और कंपनी की टैक्स कंप्लायंस प्रक्रियाओं में कोई बदलाव भी देखने लायक होगा।
