MCFL मर्जर का दिखा बड़ा असर
Paradeep Phosphates Ltd (PPL) के कंसोलिडेटेड नतीजों में Mangalore Chemicals and Fertilizers Limited (MCFL) के साथ हुए मर्जर का बड़ा असर देखने को मिला है। 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर 2026 में, कंपनी का नेट प्रॉफिट 50.48% उछलकर ₹996.35 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह ₹662.13 करोड़ था। इसी अवधि में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 28.45% की बढ़त के साथ ₹21,972.92 करोड़ दर्ज किया गया।
डिविडेंड का ऐलान और स्टैंडअलोन नतीजों में गिरावट?
इस मजबूत सालाना प्रदर्शन के दम पर PPL ने शेयरहोल्डर्स को पुरस्कृत करने के लिए ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। MCFL के ऑपरेशंस को शामिल करने से PPL का दायरा और प्रोडक्ट रेंज बढ़ा है, जिससे भारतीय फर्टिलाइजर मार्केट में इसकी स्थिति और मजबूत हुई है।
हालांकि, कंसोलिडेटेड नतीजों में जहां ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई, वहीं कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें तो चौथी तिमाही (Q4 FY26) में मुनाफे में 9.63% की गिरावट आई है। इस तिमाही में मुनाफा ₹155.60 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹172.19 करोड़ से कम है। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 11.47% की बढ़ोतरी होकर ₹4,741.81 करोड़ दर्ज किया गया।
बढ़ते कर्ज और वर्किंग कैपिटल की चिंता
PPL के लिए सबसे बड़ी चिंता बढ़ता कर्ज (borrowings) है। FY26 में कंपनी का उधार 43% से ज्यादा बढ़कर ₹6,056.52 करोड़ हो गया है। इस बड़े कर्ज के बोझ से फाइनेंसियल लागत बढ़ने का जोखिम है।
इसके अलावा, वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर भी दबाव साफ दिख रहा है। इन्वेंटरी 80% से ज्यादा बढ़कर ₹4,626.70 करोड़ हो गई, जबकि ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) 56% से ज्यादा बढ़कर ₹4,790.49 करोड़ पर पहुंच गया। यह दिखाता है कि कंपनी की काफी पूंजी वर्किंग कैपिटल में फंसी हुई है, जो cash flow के लिए एक चुनौती हो सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब PPL की उस रणनीति पर गौर करना चाहिए जिससे कंपनी बढ़ते कर्ज और वर्किंग कैपिटल को प्रभावी ढंग से मैनेज कर पाएगी। MCFL मर्जर से मिलने वाली तालमेल (synergies) और लागत में बचत कितनी बेहतर साबित होती है, यह देखना अहम होगा। साथ ही, ₹1.50 के डिविडेंड भुगतान की निरंतरता पर भी नजर रखनी चाहिए। कंपनी को तिमाही नतीजों में आई गिरावट को संभालने और कृषि क्षेत्र में भविष्य के विकास के अवसरों का फायदा उठाने के लिए अपनी स्थिति को और मजबूत करना होगा।
