Nexxus Petro Share: ₹51 करोड़ का टर्नओवर देने वाली ज़मीन ₹1.72 करोड़ में बिकी, निवेशक हैरान!

CHEMICALS
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nexxus Petro Share: ₹51 करोड़ का टर्नओवर देने वाली ज़मीन ₹1.72 करोड़ में बिकी, निवेशक हैरान!
Overview

Nexxus Petro Industries Limited ने राजस्थान के पाली में स्थित अपनी **3.99 एकड़** की ज़मीन **₹1.72 करोड़** में बेचने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब यह ज़मीन पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी के कुल टर्नओवर का **16.97%**, यानी **₹51.75 करोड़** का योगदान दे रही थी। कंपनी का कहना है कि यह एक 'नॉन-परफॉर्मिंग एसेट' है जिसे मोनेटाइज किया जा रहा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Nexxus Petro का अनोखा सौदा: ₹51 करोड़ की कमाई वाली प्रॉपर्टी बिकी ₹1.72 करोड़ में

Nexxus Petro Industries Limited ने अपने शेयरधारकों को चौंका दिया है। कंपनी ने राजस्थान के पाली जिले में अपनी 3.99 एकड़ की ज़मीन ₹1.72 करोड़ की कीमत पर बेचने की मंजूरी दे दी है। यह डील इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में इसी ज़मीन ने कंपनी के कारोबार (Turnover) में ₹51.75 करोड़ का अहम योगदान दिया था, जो कुल टर्नओवर का लगभग 17% था।

कंपनी के मुताबिक, यह ज़मीन एक 'नॉन-कोर' और 'नॉन-परफॉर्मिंग एसेट' थी, जिसे बेचकर वैल्यू अनलॉक (Value Unlock) करने की कोशिश है। कंपनी का इरादा है कि इस बिक्री से उसके मुख्य कारोबार पर कोई असर न पड़े। इस ज़मीन की बुक वैल्यू ₹1.43 करोड़ है, जिसका मतलब है कि इसे बुक वैल्यू से थोड़ा ऊपर बेचा जा रहा है।

निवेशक क्यों चिंतित हैं?

यह सवाल उठना लाजिमी है कि जिस ज़मीन से कंपनी को ₹51.75 करोड़ का टर्नओवर मिल रहा था, उसे ₹1.72 करोड़ में क्यों बेचा जा रहा है। प्रबंधन का दावा है कि यह मुख्य संचालन (Core Operations) को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इतने बड़े रेवेन्यू गैप को कैसे भरा जाएगा, यह देखना अहम होगा। कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) फिलहाल ₹32.26 करोड़ है, ऐसे में ₹1.72 करोड़ की बिक्री रकम नेट वर्थ के मुकाबले काफी मायने रखती है।

Nexxus Petro का सफर

Nexxus Petro Industries, जो 2021 के आखिर में स्थापित हुई थी और जुलाई 2023 में पब्लिक हुई, मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स, खासकर बिटुमेन और बिटुमेन इमल्शन का निर्माण और बिक्री करती है। कंपनी ने सितंबर 2024 में ₹19.43 करोड़ का IPO भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। कंपनी का रेवेन्यू FY22 में ₹48.47 करोड़ से बढ़कर FY24 में ₹237.78 करोड़ हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट ₹0.54 करोड़ से बढ़कर ₹3.48 करोड़ हो गया। FY25 के लिए कंपनी ने ₹6 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।

बिक्री से मिले ₹1.72 करोड़ के कैश का इस्तेमाल कंपनी अपने ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए करेगी। यह रकम कर्ज घटाने या फिर से निवेश (Reinvestment) करने के काम आ सकती है।

आगे क्या?

हालांकि कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि ₹51.75 करोड़ के टर्नओवर की भरपाई कैसे होगी। इसके अलावा, कंपनी के डेटर डेज (Debtor Days) में 23.7 दिनों से बढ़कर 35.8 दिन हो जाना भी वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट के लिए एक वॉचपॉइंट है।

पेट्रोकेमिकल सेक्टर में Nexxus Petro के मुकाबले Supreme Petrochem Ltd., T N Petro Products Ltd., Rain Industries Ltd. जैसी बड़ी कंपनियां हैं, जिनका मार्केट कैप Nexxus Petro (लगभग ₹57 करोड़ मार्केट कैप) से कहीं ज्यादा है।

निवेशकों को अब कंपनी की आगे की योजनाओं, बचे हुए टर्नओवर को बढ़ाने की रणनीति और आने वाले तिमाही नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी होगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.