फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में, Navin Fluorine International Ltd. ने बिक्री (Sales) में 41% की शानदार बढ़ोतरी के साथ ₹3,313.90 करोड़ का आंकड़ा छुआ। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 142% का जबरदस्त इजाफा हुआ और यह ₹814.60 करोड़ पर पहुंच गया।
पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे भी दमदार रहे। इस दौरान कंपनी की सेल्स 34% बढ़कर ₹937.71 करोड़ हो गई, और ऑपरेटिंग PBT में 118% की जोरदार तेजी के साथ ₹250.99 करोड़ का मुनाफा हुआ।
कंपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए भारी निवेश (Capex) कर रही है। Hydrofluorocarbons (HFC), Multi-purpose Plant (MPP) और Advanced Materials जैसे क्षेत्रों में नई क्षमताएं (Capacities) विकसित की जा रही हैं, जिनके Q3 FY27 तक चालू होने की उम्मीद है। इन विस्तार योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करने के लिए, Navin Fluorine 22 मई 2026 को एक एनालिस्ट/इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर मीट (Investor Meet) का आयोजन कर रही है।
ये मजबूत नतीजे Navin Fluorine की मजबूत एग्जीक्यूशन क्षमता और बाजार में उसकी स्थिति को दर्शाते हैं। कंपनी के उत्पाद की मांग मजबूत है और क्षमता का बेहतर उपयोग हो रहा है। HFC, MPP और एडवांस्ड मटीरियल्स में रणनीतिक निवेश भविष्य में कंपनी के विस्तार की ओर इशारा करता है, जिससे वह ग्लोबल इनोवेटर्स को एडवांस्ड केमिकल सॉल्यूशंस प्रदान कर सके।
Navin Fluorine भारत की लीडिंग इंटीग्रेटेड फ्लूरोकेमिकल्स कंपनी है, जो रेफ्रिजरेशन गैस, इनऑर्गेनिक फ्लोराइड्स, स्पेशियलिटी केमिकल्स और CDMO सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी R&D पर काफी जोर देती है और नए मॉलिक्यूल्स बनाने पर ध्यान केंद्रित करती है, जो इसकी ग्रोथ स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा है।
निवेशकों को 22 मई 2026 की इन्वेस्टर मीट से कंपनी के भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। जारी कैपेक्स प्रोजेक्ट्स कंपनी की उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देंगे, जिससे रेवेन्यू और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी संभव है। एडवांस्ड मटीरियल्स और स्पेशियलिटी केमिकल्स पर फोकस भविष्य की ग्रोथ वाले सेक्टर्स में मौके भुनाने में मदद करेगा।
बाजार में, Navin Fluorine का मुकाबला SRF Ltd. और Aarti Industries जैसी कंपनियों से है, जो स्पेशियलिटी केमिकल्स और फ्लूरोकेमिकल्स में बड़े पैमाने पर विस्तार कर रही हैं। यह क्षेत्र में बढ़ती ग्रोथ और निवेश को दर्शाता है।
FY25 में R&D पर ₹54.69 करोड़ खर्च किए गए।