मुनाफे में कैसे लौटी कंपनी?
National Peroxide Limited, जो कि Wadia Group का हिस्सा है और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड की एक प्रमुख निर्माता है, ने वित्त वर्ष 2026 में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी ने इस पूरे फाइनेंशियल ईयर में ₹11.04 करोड़ (या ₹1103.71 लाख) का नेट प्रॉफिट कमाया है। यह पिछले साल, यानी FY25 में हुए ₹2.25 करोड़ (₹224.64 लाख) के नेट लॉस से एक ज़बरदस्त रिकवरी है।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान
इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, कंपनी ने अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने का फैसला किया है। बोर्ड ने ₹7 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसे वार्षिक आम बैठक (AGM) में मंजूरी मिलनी बाकी है।
नई लीडरशिप और भविष्य की राह
इस वित्तीय बदलाव के बीच, कंपनी को एक नई लीडरशिप भी मिली है। श्री चिराग कोठारी को 1 जून, 2026 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और चीफ रिस्क ऑफिसर (CRO) के पद पर नियुक्त किया गया है। वे श्री अमित गोरीवाले की जगह लेंगे।
अतीत के विवाद और चुनौतियाँ
हालाँकि, कंपनी का सफर आसान नहीं रहा है। National Peroxide अतीत में नियामक जांच के दायरे में भी रही है। फरवरी 2025 में, कंपनी ने SEBI के साथ ₹9.42 लाख का समझौता किया था, जो डिस्क्लोजर में हुई देरी से जुड़ा था। इसके अलावा, मई 2024 में यह भी सामने आया था कि एक कर्मचारी पर ₹36 करोड़ की हेराफेरी का आरोप है, जिसकी फॉरेंसिक ऑडिट चल रही है। विश्लेषकों ने भी पहले कंपनी की रिकवरी को 'नाजुक' बताया था और प्रॉफिट ग्रोथ पर सवाल उठाए थे।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह
National Peroxide, भारत में Gujarat Alkalies and Chemicals Ltd (GACL), Aditya Birla Chemicals, Indian Peroxide Limited और Meghmani Finechem Limited (MFL) जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। अब निवेशकों की निगाहें श्री कोठारी के नेतृत्व, डिविडेंड की मंजूरी, हेराफेरी मामले की जांच के नतीजों और कंपनी के प्रॉफिट को बनाए रखने की क्षमता पर टिकी रहेंगी।
