ट्रेडिंग विंडो पर रोक का ऐलान
Narmada Gelatines Limited ने 1 अप्रैल, 2026 से अपने शेयरों की ट्रेडिंग पर रोक लगाने की घोषणा की है। यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के नियमों का पालन करने के लिए उठाया गया है।
क्यों और कब तक?
यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी देकर सार्वजनिक नहीं कर देते। नतीजों की घोषणा के बाद 48 घंटे तक यह ट्रेडिंग विंडो बंद रहेगी। इस अवधि में, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और अन्य 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) कंपनी के शेयरों का लेनदेन नहीं कर सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (Unpublished Price-Sensitive Information) के दुरुपयोग को रोकना और बाजार में निष्पक्षता बनाए रखना है।
कंपनी की जानकारी और प्रदर्शन
Narmada Gelatines जिलेटिन, ओसीन और डाई-कैल्शियम फॉस्फेट बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है। हालिया प्रदर्शन की बात करें तो, कंपनी ने Q3 FY26 में दमदार नतीजे पेश किए थे, जिसमें नेट प्रॉफिट 72.90% बढ़ा और रेवेन्यू में 18.14% की बढ़ोतरी हुई। CARE Ratings ने भी कंपनी की 'CARE BBB; Stable' रेटिंग को बरकरार रखा है, जो इसकी प्रॉफिटेबिलिटी और वित्तीय स्थिति में सुधार को दर्शाता है।
भविष्य की योजनाएं और बदलाव
कंपनी अगले दो साल में ₹33 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के जरिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, जुलाई 2023 में एक ओपन ऑफर के बाद प्रमोटर लैंडस्केप में भी बदलाव आया था, जिसमें 25% हिस्सेदारी का अधिग्रहण हुआ था।
आगे क्या?
इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पहलू बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा FY2026 के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों की समय पर मंजूरी और घोषणा है। इस प्रक्रिया में किसी भी देरी से ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि बढ़ सकती है। निवेशकों को बोर्ड मीटिंग की तारीख पर नजर रखनी चाहिए, जिसके बाद नतीजों की घोषणा होगी और प्रतिबंधित व्यक्तियों के लिए ट्रेडिंग फिर से शुरू हो सकेगी।