Crisil Ratings ने अपनी रिपोर्ट में यह साफ किया है कि NACL Industries ने ₹249.29 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) फंड का इस्तेमाल पूरी तरह योजना के अनुसार ही किया है। मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही तक, कुल फंड का ₹218.49 करोड़ इस्तेमाल किया जा चुका है।
इस फंड का बड़ा हिस्सा कंपनी ने अपने कर्ज को चुकाने (Debt Repayment) में लगाया है, जिसके लिए ₹104 करोड़ आवंटित किए गए। इसके अलावा, ग्रुप की स्ट्रेटेजिक ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण NACL Spec-Chem Limited नामक अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (Subsidiary) में ₹83 करोड़ का निवेश किया गया है।
हालांकि, कंपनी ने यह भी बताया है कि जनरल कॉर्पोरेट पर्पज (GCP) के लिए रखे गए फंड के इस्तेमाल में थोड़ी देरी हुई है। प्रॉस्पेक्टस (Prospectus) के अनुमान के अनुमान के मुताबिक, GCP के लिए ₹45.53 करोड़ खर्च होने थे, लेकिन 31 मार्च 2026 तक केवल ₹29.91 करोड़ ही खर्च हुए हैं।
फिलहाल, ₹30.80 करोड़ फंड अभी भी अनयूटिलाइज्ड (Unutilized) है, जो भविष्य की रणनीतिक पहलों के लिए लचीलापन प्रदान करता है। यह अपडेट निवेशकों को भरोसा दिलाता है कि कंपनी जुटाई गई पूंजी का प्रबंधन जिम्मेदारी से कर रही है।
