धमाकेदार नतीजे, पर चिंता के बादल
Modi Naturals लिमिटेड ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹50.28 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दिखाया है। यह पिछले साल की तुलना में 62% ज्यादा है। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8.44% बढ़कर ₹243.28 करोड़ तक पहुंच गया है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें तो, कंपनी का टोटल इनकम 28.02% बढ़कर ₹19.67 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी ने ₹4.86 करोड़ का एक इंश्योरेंस क्लेम भी बुक किया है, जो पिछले किसी मशीनरी ब्रेकडाउन से संबंधित था। कंपनी मुख्य रूप से भारत के ओलियोकेमिकल्स (Oleochemicals) और एडिबल ऑयल्स (Edible Oils) सेगमेंट में काम करती है।
ऑडिटर का इस्तीफा और बढ़ता कर्ज
सकारात्मक नतीजों के बीच, कंपनी के लिए कुछ गंभीर चिंताएं भी सामने आई हैं। 13 मई 2026 को, कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर, M/s Doogar & Associates, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ऑडिटर ने इसके लिए रिसोर्स की कमी को वजह बताया है।
इसके अलावा, Modi Naturals पर लॉन्ग-टर्म कर्ज का बोझ भी काफी बढ़ गया है। FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नॉन-करंट बोर्रोविंग्स (long-term debt) 70% उछलकर ₹70.78 करोड़ से ₹120.35 करोड़ पर पहुंच गया है। कर्ज में यह भारी बढ़ोतरी कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ और रिस्क प्रोफाइल पर सवाल खड़े करती है।
Modi Naturals भारत में Gokul Refoils India Ltd., Kriti Nutrients Ltd., और Patanjali Foods Ltd. जैसी कंपनियों के साथ कॉम्पिटिशन करती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी नए ऑडिटर की नियुक्ति कैसे करती है और बढ़ते कर्ज को मैनेज करने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।
