ट्रेडिंग विंडो क्यों हो रही है बंद?
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि यह ट्रेडिंग विंडो का बंद होना SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन करने के लिए एक मानक प्रक्रिया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गैर-सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल करके कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग न हो सके। यह विंडो नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी।
कंपनी का बैकग्राउंड और हालिया परफॉरमेंस
Lime Chemicals कैल्शियम कार्बोनेट और संबंधित उत्पादों का निर्माण और व्यापार करती है। हाल ही में, कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में ₹0.797 मिलियन का नेट लॉस दर्ज किया था। इससे पहले, मार्च 2025 में कंपनी ने अपने रजिस्टर्ड ऑफिस को मुंबई के भीतर स्थानांतरित करने और एक नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) की नियुक्ति को भी मंजूरी दी थी।
किसे होगी ट्रेडिंग की इजाजत नहीं?
ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमुख प्रबंधन कर्मी और उनके करीबी रिश्तेदार Lime Chemicals के शेयरों का व्यापार करने के लिए प्रतिबंधित रहेंगे। सभी आवश्यक लेनदेन 1 अप्रैल, 2026 को विंडो बंद होने से पहले पूरे कर लेने होंगे।
इंडस्ट्री की अन्य कंपनियां भी करती हैं ऐसा
Chemical सेक्टर में काम करने वाली कई बड़ी कंपनियां, जैसे Deepak Nitrite Ltd., Solar Industries India Ltd., Linde India Ltd., और Thirumalai Chemicals Ltd. भी अपने फाइनेंशियल नतीजों की घोषणा के आसपास SEBI के दिशानिर्देशों के अनुसार ट्रेडिंग विंडो बंद करने की प्रक्रिया का पालन करती हैं।
आगे क्या?
निवेशक अब कंपनी द्वारा बोर्ड मीटिंग की तारीख की घोषणा का इंतजार करेंगे, जहां Q4 और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजे स्वीकृत किए जाएंगे। नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी।
